आगरा, जेएनएन। चित्रकूट में हुए गैंगवार के बाद वहां के जेल सुपरिंटेंडेंट व जेलर को शासन द्वारा निलंबित कर देने के साथ ही कासगंज जिला जेल के जेल अधीक्षक को चित्रकूट का जेल सुपरिंटेंडेंट बनाया गया है। वह देर रात चित्रकूट रवाना हुए हैं।

एक अक्टूबर 2020 को बरेली से पदाेन्नति पर स्थानांतरित होकर आए जेल अधीक्षक एके सागर का जिला कारागार में मात्र साढ़े सात माह का कार्यकाल रहा। शुक्रवार को चित्रकूट जिला जेल में हुए गैंगवार के बाद शासन ने उन्हें चित्रकूट जिला जेल स्थान्तरित किया है। देर रात वह चित्रकूट के लिये रवाना हुए है। फोन पर जागरण से बातचीत में उन्होंने कहा कि शासन ने जिस मंशा के साथ उन्हें दायित्व दिया है। उसे पूरा करेगें। उन्होंने बताया की वह लगभग दो बजे तक चित्रकूट पहुंच कर चार्ज लेगें। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता होगी किस स्तर से लापरवाही रही उसे पता लगाएं। कर्मचारियो की कहां तक लापरवाही रही है। इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिये हर संभव प्रयास होंगें।

बता दें कि चित्रकूट जिला जेल में शुक्रवार सुबह गैंगवार में कैराना पलायन के मुख्य आरोपित मुकीम काला और पूर्वांचल के माफिया विधायक मुख्तार के रिश्ते के भांजे और गैंग सदस्य मेराज अली की शार्प शूटर अंशु दीक्षित ने हत्या कर दी। हत्यारे अंशु को भी पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। करीब दो घंटे गैंगवार व मुठभेड़ के दौरान जेल में 50 राउंड गोलियां चलीं। पहले बंदियों के साथ जेल के सुरक्षा कर्मी भी बैरकों में दुबके रहे। पुलिस पहुंचने पर बल मिला तो पोजीशन लेकर मोर्चा संभाल जवाबी फायरिंग की।

 

Edited By: Tanu Gupta