आगरा में इंटरनेशनल लेदर एंड फुटवियर फेयर, भारतीय बाजार में संभावनाएं तलाश रहीं चीनी कंपनियां
आगरा में आयोजित तीन दिवसीय शू फेयर 'मीट एट आगरा' में पहली बार सात चीनी कंपनियों ने स्टॉल लगाए हैं। ...और पढ़ें

सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में शनिवार को एफमेक द्वारा आयोजित मीट एट आगरा तीन दिवसीय शू फेयर में लगी स्टाल पर लेदर देखते उप्र राज्य परिवर्तन आयोग के सीईओ मनोज कुमार सिंह। साथ हैं पूरन डावर व उपेंद्र सिंह लवली। जागरण
जागरण संवाददाता, आगरा। आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय शू फेयर मीट एट आगरा में पहली बार सात चीनी कंपनियों ने भी स्टाल लगाई हैं। वह सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में असेसरीज, कंपोनेंट्स, सिंथेटिक लेदर, लेस, सोल आदि लेकर आई हैं। भारतीय घरेलू जूता बाजार में वह कारोबार की संभावनाएं तलाश रही हैं।
उनका ध्यान भारतीय जूता बाजार में काम करने वाले कारोबारियाें को स्वयं से जोड़ने पर है, जिससे कि अपना काम बढ़ा सकें। मीट एट आगरा में इससे पूर्व चीनी कंपनियां सीधे ना आकर अपने प्रतिनिधियों को विजिट के लिए भेजा करती थीं। पहली बार फेयर में उन्होंने अपने स्टाल लगाए हैं।
गुआंगझू जिनलिजिन्हे क्राफ्ट्स कंपनी लिमिटेड ने लेडीज शूज, बैग और ड्रेस में उपयोग में आने वाली असेसरीज और मैटेरियल की स्टाल लगाई है। इनमें राइनस्टोन ट्रिम, टेप, स्ट्रिप, एलेन विद बाटम ग्लू, इलास्टिक नेट आदि हैं। कंपनी के हुवारी ने बताया कि भारत में इस तरह की असेसरीज तैयार करने वाली मशीनें नहीं हैं।
शूज और बैग में उनकी कंपनी द्वारा तैयार असेसरीज का उपयोग कर यूनिक लुक दिया जा सकता है। भारत बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। वह पहली बार यहां ग्राहक तलाशने आए हैं। गुआंगझू लाइहुई लेदर कंपनी लिमिटेड ने 10 से 12 तरह के सिंथेटिक लेदर की स्टाल लगाई है। इनमें फ्लावर मैश, वेलवेट, लेडी शूज, लेबर शूज, रिसाइकिल लेदर आदि प्रमुख हैं।
कंपनी के प्रतिनिधि केन ने बताया कि महिलाओं को चमक-दमक अधिक पसंद आती है। फ्लावर मैश महिलाओं के लिए तैयार लेदर है, जिससमें फूल-पत्तियों की डिजाइन बनी हुई है। भारतीय घरेलू जूता बाजार बहुत बड़ा है। यहां वह ग्राहकों से संपर्क कर कंपनी द्वारा तैयार उत्पादों काे उन तक पहुंचाने आए हैं।
ईवीए मैटेरियल के सोल
चीन के हेनान प्रांत के हाेंगजुआन ने निट वियर, सोल, जूतों के अपर की स्टाल लगाई है। वह एथिलीन विनाइल एसीटेट (ईवीए) से बने स्पोर्ट्स शूज के सोल लेकर आए हैं। यह रबर जैसा नरम, लचीला और मजबूत होता है। यह पानी को सोखता नहीं है।
झटकों को आसानी से सहन कर सकता है। स्पोर्ट्स शूज़ के सोल और फ्लिप-फ्लॉप बनाने में। हाेंगजुआन ने बताया कि वह भारत पहली बार आए हैं। वह दुबई, पाकिस्तान, अफ्रीका, बांग्लादेश को अपना सामान निर्यात करते हैं। अब भारत में कारोबार की संभावनाएं देख रहे हैं। ईवीए मैटेरियल से बने आरामदेय सोल वह लाए हैं।
पहले चीन से आता था बहुत सामान
कोरोना काल से पूर्व चीन से जूता में लगने वाले कंपोनेंट्स, असेसरीज, मोल्ड आदि का चीन से आयात किया जाता था। आयात पर प्रतिबंध लगने के बाद इसमें गिरावट आई। सीधे चीन से आने के बजाय हांगकांग के रास्ते सामान भारत आने लगा। भारतीय कंपनियों द्वारा अपने प्लांट लगाकर उत्पादन शुरू करने से चीन से आने वाले सामान की मात्रा में कमी आई है।
