आगरा, तनु गुप्ता। हमारे आस पास प्रकृति ने अनेकों इस तरह की सौगातें दीं हैं जो खूबसूरती है साथ आैषधि गुणाें से परिपूर्ण हैं। फूल ज‍िन्‍हें हम केवल अपने घर के आसपास सुंदरता बढ़ाने के ल‍िए ही उपयोग में लाते हैं। लेक‍िन इनमें कई पौधे व फूल ऐसे भी होते हैं, जो आसानी से भी म‍िल जाते हैं और उनमें आैषधीय गुण भी भरपूर होते हैं। इनमें ही एक फूल ऐसा भी है, जो शायद आपके आंगन या बाग में भी हो, आपने इसे महज एक फूल ही समझा हो, लेक‍िन यह फूल कई बीमार‍ियों के इलाज में रामबाण साब‍ित हो रहा है। इस फूल का नाम गुड़हल है।गुड़हल का पौधा व इसकी टहनियों में लगे लाल रंग के फूल हर घर की शोभा बढ़ाते हैं, लेकिन इस पौधे के गुणों से लोग अनभिज्ञ हैं, जबकि इसकी पत्तियां व फूल जीवनदायनी हैं।

गुणाें की खान है गुड़हल का फूल

आयुर्वेदाचार्य डॉ कविता गोयल के अनुसार गुड़हल की पत्तियों व फूलों के सेवन से अनेकों बीमारियों को घर में ही काबू किया जा सकता हैं। यह एक फूल होने के साथ कई तरह से स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भी परिपूर्ण होता है। गुड़हल के फूल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, आयरन, खनिज, शरीर को कई बीमारियों से राहत दिलाने में रोगी की मदद करते हैं। इसमें विटामिन सी की मात्रा भी प्रचुर मात्रा में होती है। इस फूल का शरबत व चाय बनाकर भी पी सकते हैं। गुड़हल का फूल हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है। 

इन बीमारियों में है रामबाण 

डॉ कविता के परामर्श के अनुसार इसकी चाय व शरबत का सेवन करना चाह‍िए। इससे त्‍वचा संबंधी कई रोगों में मदद म‍िलती है। इससे झुर‍िरयों की समस्‍या भी दूर होती है। यह त्वचा की नमी को दोबारा वापिस लाने में मदद करता हैं। गुड़हल के फूल का प्रयोग घाव को भरने में भी काफी लाभदायक माना जाता है।

गुड़हल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण कई तरह की बीमारियों से राहत दिलाने में मदद करते हैं। एटिऑक्सीडेंट हमारे शरीर में मौजूद ऊतकों में फ्री रेडिकल को निष्क्रिय करते हैं ताकि शरीर को कई बीमारियों से बचाया जा सके।गुड़हल हाई ब्लड प्रेशर को ठीक करने में भी प्रयोग होता है। इसके साथ का एक सबसे प्रभावी उपाय है। इसके साथ ही हाई कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मदद करता है। गुड़हल में विटामिन सी और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह बालों की कई परेशानियों से निजात दिलाने में सहायता करता है। गुड़हल के फूलों व पत्तियों का प्रयोग बालों उपचार के लिए किया जाता है। इससे प्राकृति पैक मास्क व तेल बनाया जाता है जो बालों की समस्याओं को दूर करता है। यह बालों को कैमिकल के दुष्प्रभावों को बचाने में मदद करता है।इसके अलावा गुड़हल की जड़े चबाने से मुहं के छालों से भी राहत म‍िलती है। इसे सफेद दाग के रोग में प्रयोग क‍िया जा रहा है। गुड़हल के फूलों का शरबत हृदय तथा मस्तिक को शक्ति प्रदान करता है। इसका शरबत प्रतिदिन लेने से शरीर को शीतलता देता है तथा ज्वर, प्रदर, नाक से खून आना, सिरदर्द, दाद आदि रोगों को नाश करता है। 

गुड़कल की चाय है कमाल 

गुड़हल का इस्तेमाल खाने-पीने या दवाओं के लिए किया जाता है। इससे कॉलेस्ट्रॉल, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और गले के संक्रमण जैसे रोगों का इलाज किया जाता है। यह विटामिन सी, कैल्शियम, वसा, फाइबर, आयरन का बढिया स्रोत है। गुड़हल के ताजे फूलों को पीसकर लगाने से बालों का रंग सुंदर हो जाता है। गुड़हल का सबसे अध‍िक लाभ इसकी चाय से होता है। गुड़हल की चाय एक स्‍वास्‍थ्‍य हर्बल टी है। गुड़हल से बनी चाय को प्रयोग सर्दी-जुखाम और बुखार आदि को ठीक करने के लिए प्रयोग की जाता है। इससे बनी हर्बल टी से हाई ब्‍लड प्रेशर को कम क‍िया जा सकता है और बढे हुए कोलेस्‍ट्रॉल को भी घटाया जा सकता है। गुड़हल के फूलों का असर बालों को स्‍वस्‍थ्‍य बनाने के लिये भी होता है। इसे पानी में उबाला जाता है और फिर लगाया जाता है जिससे बालों का झड़ना रुक जाता है। यह एक आयुर्वेद उपचार है। इसका प्रयोग केश तेल बनाने मे भी किया जाता है। गुड़हल के फूलों को सुखाकर बनाया गया पावडर को पित्त की पथरी को दूर करने के लिए भी प्रयोग किया जाता है। यदि चेहरे पर बहुत मुंहसे हो गए हैं तो लाल गुड़हल की पत्‍तियों को पानी में उबाल कर पीस लें और उसमें शहद मिला कर त्‍वचा पर लगाएं।

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