आगरा, जागरण संवाददाता। रामबाग चौराहे पर पार्किंग ठेके की आड़ में वसूली का खेल चल रहा था। पुलिस चौकी के ठीक सामने चल रहे इस खेल की पुलिस को भनक नहीं थी। गुरुवार रात में पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया। शुक्रवार को पुलिस ने पांच युवकों को हिरासत में ले लिया। ये वसूली करने वाले हैं। इनके पीछे कौन हैं? यह अभी तक पुलिस पता नहीं कर पाई है। इसके लिए हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ की जा रही है।

रामबाग चौराहे पर पार्किंग ठेके के नाम पर अवैध उगाही का नया मामला गुरुवार को सामने आया। नुनिहाई निवासी मनोज कुमार की तहरीर पर पुलिस ने एत्माद्दौला थाने में चौथ वसूली का मुकदमा दर्ज किया है। इसमें कहा गया है कि रामबाग चौराहे पर प्रकाश नगर निवासी पंकज और विशाल सवारी आटो से अवैध वसूली करते हैं। ये आटो से 90 रुपये और टाटा मैजिक से 70 रुपये वसूल रहे थे।

इससे आटो और टाटा मैजिक चालकों को परेशानी हो रही थी। सीओ छत्ता सुकन्या शर्मा ने बताया कि नगर निगम से वाहनों से पार्किंग शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार, आटो से 30 रुपये पार्किंग शुल्क लिया जाना चाहिए। मगर, पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारी इससे अधिक वसूली कर रहे थे। पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वसूली कराने वालों के बारे में जानकारी की जा रही है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

मोहरों पर कार्रवाई कर भूल जाती है पुलिस

रामबाग चौराहे पर पार्किंग शुल्क के नाम पर अवैध वसूली के साथ ही फड़ों से भी अवैध उगाही होती है।पूर्व में फड़ों से वसूली के मामले में पुलिस ने चौथ वसूली का मुकदमा दर्ज कर आरोपितों को जेल भेज दिया। मगर, वसूली कराने वालों का पुलिस पता नहीं कर सकी।

इस बार भी पार्किंग शुल्क के नाम पर अवैध वसूली करने वालों को पुलिस ने पकड़ लिया। मुकदमा भी उन्हीं के खिलाफ दर्ज हुआ है। सवाल यह है कि क्या मुकदमे में नामजद लोग अपने लिए वसूली कर रहे थे? यदि ऐसा था तो ठेकेदार ने उनके खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं लिखाया?

Edited By: Prateek Gupta