आगरा, प्रभजोत कौर। युवाओं को उनके व्यापार को स्थापित करने में अब डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय भी मदद करेगा। विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत एक प्रोजेक्ट लेकर आए हैं। यह प्रोजेक्ट ऐसे युवाओं के लिए है जो स्टार्टअप में रुचि रखते हैं।

उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप नीति 2020 के अंतर्गत विश्वविद्यालय में इनक्यूबेटर सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 1.50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। धनराशि पांच वर्ष के लिए है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने कंपनी का नाम विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन रखा है। पंजीकरण करा दिया गया है। इनक्यूबेशन सेंटर में एक प्रोजेक्ट मैनेजर और दो सहायक रखे जाएंगे।

प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप को शुरू करने और अपने पैरों पर खड़ा करने का काम करेगा। इसके निमित्त स्टार्टअप को तकनीकी, व्यापारिक, नेटवर्क, प्रचार और सीड मनी उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी बनवाने में मदद की जाएगी। जैसे कि किसी को आर्गेनिक खेती करनी है तो इसके लिए हर तरह की सुविधा दी जाएगी। स्टार्टअप के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी। स्टार्टअप के लिए कंपनी का पंजीकरण कराएंगे, जीएसटी नम्बर भी दिलाएंगे।

प्रो. सारस्वत ने बताया कि एक साल में कम से कम 10 स्टार्टअप शुरू करने का लक्ष्य है। लोगों के पास बिजनेस आइडिया तो हैं लेकिन करने का तरीका नहीं आता। हम वही तरीका बताएंगे और पारगंत बनाएंगे ताकि हर हाल में सफलता मिले। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार का इस पर विशेष जोर है।

दिलाया जाएगा प्रशिक्षण

फर्नीचर की व्यवस्था होते ही इनक्यूबेशन सेंटर शुरू कर दिया जाएगा। इसमें स्टार्टअप शुरू करने वालों के बैठने के लिए केबिन, कंप्यूटर आदि की सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इच्छुक युवा उनसे आइईटी में संपर्क कर सकते हैं। 

Edited By: Prateek Gupta