आगरा, प्रभजोत कौर। करवाचौथ पर इस बार कुछ खास है। सोना-चांदी और हीरे-जवाहरात तो पति अपनी पत्नियों को करवाचौथ पर गिफ्ट के रूप में देते ही रहते हैं। पर इस साल इससे इतर कुछ पति अपनी हमसफर को कुछ हटकर तोहफा दे रहे हैं। यह तोहफा है हेल्थ इंश्योरेंस का। पत्नियां जहां अपने पति की लंबी उम्र की दुआ करती हैं तो पति उनके स्वास्थ्य को मजबूत बनाने का कवच दे रहे हैं।

वैसे तो पति अपनी जीवनसंगिनी की सुरक्षा की जिम्मेदारी सात फेरों के समय ही उठा लेते हैं। पूरी जिंदगी उनकी हर जरूरत को पूरा करते हैं। बदलती लाइफस्टाइल और बदलते समय में जब महिलाएं भी घर से बाहर निकल कर काम कर रही हैं और घर भी संभाल रही हैं तो ऐसे में उन पर दोहरी जिम्मेदारी है। इस दोहरी जिम्मेदारी के कारण महिलाएं कई बीमारियों में भी जकड़ जाती हैं। मॉडर्न समय में बदलती सोच ने पुरुषों को महिलाओं के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाया है। अब घर संभालने की जिम्मेदारी निभाने में वे भी सहयोग करते हैं। पुरुष अब अपनी जीवनसंगिनी को अपने बराबर का दर्जा देते हैं। यही कारण है कि करवाचौथ पर जहां पति अपनी पत्नियों के साथ व्रत भी रखने लगे हैं तो पत्नियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी हुए हैं।

हेल्थ इंश्योरेंस क्या है?

बदलती लाइफस्टाइल के कारण लोग बीमारियों की चपेट में बहुत ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे मेें इलाज में पैसा भी बहुत खर्च होता है। कई कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस कराती हैं तो कुछ लोग व्यक्तिगत रूप से भी हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ लेते हैं। यह एक तरह का बीमा है, जिसमें हर महीने, हर तीन महीने, छमाही या वार्षिक किश्त जाती है। परिवार में अगर कोई बीमार हो जाता है, तो बीमा धारक इलाज की फीस के लिए बीमा कंपनी से क्लेम कर लेता है।

पति कर रहे पूछताछ

कई पति अपनी जीवनसंगिनी के लिए इंश्योरेंस एजेंट्स से पूछताछ कर रहे हैं। वे हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहते हैं। इस बारे में इश्योरेंस एजेंट पंकज अवस्थी ने बताया कि वैसे तो हमारे पास पूरे साल ही क्वेरीज आती रहती हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों में उनके पास ऐसी कई क्वेरीज आई हैं, जिनमें पति अपनी पत्नियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहते हैं। यह हेल्थ इंश्योरेंस वे करवाचौथ पर अपनी पत्नी को गिफ्ट के रूप में देना चाहते हैं। करवाचौथ पर हेल्थ इंश्योरेंस का गिफ्ट देने की संख्या उनके पास आठ से दस पतियों की है।

पत्नी हमारे लिए करवाचौथ का व्रत रखती है कि हमारी उम्र लंबी हो। हमारी भी तो जिम्मेदारी बनती है कि हम उसे सुरक्षा दें। वो सही रहेगी तो मेरा परिवार भी सही रहेगा। उसे भी तो लगना चाहिए कि मैं उसके लिए चिंतित रहता हूं।

अंकुर अग्रवाल, सिकंदरा

मेरी पत्नी नौकरी करती है, इसके बावजूद मेरे लिए व्रत रखती है। पूरा साल हर जिम्मेदारी निभाती है। घर और बच्चे संभालती है। उसके बिना मेरा घर अधूरा है। भगवान न करे उसे कुछ हो, पर मैं उसे सुरक्षा देना चाहता हूं।

पवन गुप्ता, फतेहाबाद रोड 

Posted By: Prateek Gupta

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