आगरा, जेएनएन। ब्रज के नंदगांव और बरसाने में सखियों की प्रेम पगी लाठियां खाने वाली होली तो देश भर में मशहूर है, लेकिन टूंडला क्षेत्र के गांव चुल्हावली में मनाई जाने वाली हंटर मार होली भी अपने आप में अनूठी है। गांव की महिलाएं लटकते, मटकते और झटकते हुए हंटर से ग्रामीणों की पिटाई करती हैं तो ग्रामीण भी मार खाकर होली के गीतों पर थिरकते हुए उनके मान सम्मान को बढ़ाने का प्रयास करते हैं।

गांव चुल्हावली में वर्षों पुरानी परंपरा आज भी जीवित है। इस गांव में दूज को शाम के समय विशेष होली का आयोजन किया जाता है। गांव की महिलाएं हाथों में हंटर लेकर हुरियारों की पिटाई करती हैं। एक खुले स्थान पर ग्रामीण जमा हो जाते हैं। जहां महिलाएं बारी-बारी से हंटर से उनकी पिटाई करती हैं। ग्रामीण मार खाने के बाद भी प्यार और सम्मान देकर गांव में प्रेम और सौहार्द की भावना समाहित करने का काम करते हैं। महिलाएं लोगों को कितना ही क्यों न पीटें कोई उनकी मार का बुरा नहीं मानता। सब हंसी खुशी इस त्योहार को मनाते चले आ रहे हैं।

रंग से कर देती हैं सराबोर

गांव की महिलाएं लोगों को रंगों से सराबोर करती हैं। उसके बाद उनकी हंटर से पिटाई लगाती हैं। कुछ देर पिटाई करने के बाद दूसरी महिला हंटर ले लेती है और दूसरे व्यक्ति की पिटाई करने लगती है। प्रेम के हंटर की मार खाने के बाद भी लोग आनंदित होते हैं। नवविवाहित महिलाएं भी शामिल होती हैं।  

Posted By: Prateek Gupta

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