आगरा, जागरण संवाददाता। तपती दोपहरी के बाद शाम को शिल्पग्राम में बढ़ती भीड़। कोई असम का हैंडलूम तो कोई पश्चिम बंगाल की जूट क्राफ्ट देख रहा है। कोई मऊ के पीतल से बने उत्पाद खरीद रहा है तो भदोही की कालीन। कोई घर की सजावट के लिए हस्तनिर्मित पेंटिंग तलाश रहा है तो सहारनपुर का फर्नीचर। कोई लिट्टी चोखा का लुत्फ उठा रहा है तो कोई चाट-पकौड़ी का। इन दिनों कुछ ऐसा ही नजारा है शिल्पग्राम में लगी हुनर हाट का।

कला और संस्कृति को देखने का मिल रहा मौका

घूमते-घूमते लोग थक जा रहे हैं लेकिन देशभर की कला और संस्कृति को देखने से मन नहीं भर रहा। चौथे दिन शनिवार को हुनर हाट में काफी भीड़ रही। तमिलनाडु से लेकर जम्मू-कश्मीर, राजस्थान से लेकर असम-मेघालय, कर्नाटक से लेकर पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र से लेकर झारखंड, गुजरात से लेकर हरियाणा, हिमाचल से लेकर दिल्ली तक के हस्तनिर्मित उत्पाद की जमकर खरीदारी हो रही है। लोगों ने देर रात तक रंगा-रंग शाम का आनंद लिया।

एक ही जगह देशभर का स्वाद

हुनर हाट में कुल्फी, शिकंजी, लस्सी, कुल्हड़ चाय, तंदूरी चाय से लेकर बिहार का लिट्टी चोखा, दिल्ली के छोले भटूरे, राजमा-चावल, हरियाणा की स्पेशल रबड़ी जलेबी, दिल्ली की चाट, राजस्थान का दाल-बाटी चूरमा, महाराष्ट्र का वड़ा पाव, कर्नाटक के पारंपरिक पकवान और अन्य तमाम तरह के लजीज व्यंजन मौजूद हैं।

सेल्फी प्वाइंट बना आकर्षक का केंद्र

भारतीय कला और संस्कृति को दर्शाती एक झांकी भी शिल्पग्राम में सजाई गई। इसे सेल्फी प्वाइंट के रूप में है। इसमें किसान हल चलाते हुए और महिलाएं सिर पर मटकी लेजाते हुए दिखाई गई हैं। हुनर हाट घूमने आने वाले अधिकांश लोग यहां सेल्फी ले रहे हैं। बीते गुरुवार को हुनर हाट का शुभारंभ करने आए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी यहां फोटो खिंचवाया था।

ढोल की थाप पर झूम रहे युवा

हुनर हाट के मुख्य प्रवेश द्वार से कुछ आगे ही ब्रज की लिबास में कुछ कलाकार ढोल बजाते नजर आते हैं। इनके साथ ही कुछ कलाकार मयूर नृत्य कर रहे हैं। देशभर के हुनर को देखने आने वाले लोग इनके ढोल की थाम पर खुद को थिरके बिना नहीं रोक पा रहे। खासतौर से युवा। ब्रज लोकगीत की थीम पर बजने वाले ढोल के साथ काफी देर तक नाच कर युवा पसीना बहा रहे हैं। 

Edited By: Abhishek Saxena