आगरा, जागरण संवाददाता। आयुष्मान योजना को झटका लगने लगा है, आधा दर्जन निजी अस्पतालों ने अनुबंध खत्म कर दिया है। ये सभी शहर के बड़े अस्पताल हैं। इन अस्पतालों में गोल्डन कार्ड लेकर पहुंच रहे मरीजों को लौटाया जा रहा है।

आयुष्मान योजना में आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों को पांच लाख रुपये तक का निश्शुल्क इलाज किया जा रहा है। इसके लिए चार सरकारी सहित 48 अस्पतालों से अनुबंध किया गया है। इन अस्पतालों में गोल्डन कार्ड धारक मरीजों के लिए न्यूरोसर्जरी, हार्ट सर्जरी सहित गंभीर और सामान्य बुखार के मरीजों के इलाज की निश्शुल्क इलाज की व्यवस्था है। मगर, पिछले दो महीने में एक के बाद एक छह बड़े अस्पतालों ने आयुष्मान योजना से अनुबंध खत्म कर दिया है।

इन अस्पतालों द्वारा की गई सर्जरी और मरीजों के इलाज के कुछ क्लेम निरस्त कर दिए गए हैं। इलाज के रेट बहुत कम है, इस योजना के मरीजों की संख्या बढ़ने पर अस्पताल संचालक पीछे हटने लगे हैं। अब इन अस्पतालों में मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है।

योजना में नहीं दिखा रहे रुचि

डॉ. कमलेश टंडन हॉस्पिटल, परमहंस योगानंद हॉस्पिटल, एसआर हॉस्पिटल, सरकार नर्सिग होम, हेरिटेज हॉस्पिटल, प्रभा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, बीएम मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर, मेडीहॉप हॉस्पिटल, आरती मेडिकेयर, चंद्रा ऑथरेपेडिक सेंटर, सिनर्जी प्लस हॉस्पिटल भी योजना में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

एक नजर तथ्‍यों पर

- 1.63 लाख परिवार हैं आयुष्मान योजना के लाभार्थी (एक परिवार के पांच सदस्य, कुल आठ लाख लाभार्थी)

- 12 हजार पात्र परिवार हैं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (60 हजार लाभार्थी)

- 67119 गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं अब तक

ये हैं अनुबंध तोड़ने की मुख्य वजह

- मरीज आयुष्मान योजना के लाभार्थी का पत्र लेकर आता है, गोल्डन कार्ड बनाने में ब्योरा गलत होने पर समस्या आ रही है, इससे मरीज हंगामा करने लगते हैं।

- कागजी खानापूर्ति बहुत अधिक है, मरीज भर्ती होने और डिस्चार्ज होने पर फोटो लेना है, यह क्लेम में लगाने हैं।

- क्लेम में कमी होने पर रिजेक्ट किया जा रहा है, भुगतान बहुत कम है वह भी समय से नहीं हो रहा है।

-5720 लोगों को मिला है आयुष्मान योजना में निश्शुल्क इलाज

इन अस्पतालों ने तोड़ा अनुबंध

पुष्पांजलि हॉस्पिटल, रेनबो हॉस्पिटल, सिनर्जी प्लस हॉस्पिटल, अरिहंत आइ क्लीनिक, सफायर हॉस्पिटल और आगरा कार्डियक हॉस्पिटल।

अनुबंधित अस्पताल

एसएन, जिला अस्पताल, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, लेडी लॉयल महिला चिकित्सालय के साथ 44 निजी अस्पतालों ने अनुबंध किया था।

दोबारा होगी अस्‍पताल संचालकों से बात

निजी अस्पताल संचालकों की कुछ समस्याएं हैं उनका समाधान किया जा रहा है। जिन अस्पतालों में मरीज भर्ती न करने की शिकायत आ रही है उनसे दोबारा वार्ता की जाएगी। ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे सभी अस्पताल अनुबंध के तहत मरीजों का इलाज करते रहें।

डॉ. मुकेश वत्स, सीएमओ

 

Posted By: Tanu Gupta

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