आगरा, अली अब्‍बास। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर चल रहे कर्फ्यू काल में महामारी से बचने के लिए मास्क बेहद अहम है। इसीलिए लगातार डाक्टर से लेकर पुलिस तक लोगों से लगातार मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलने की चेतावनी दे रहे हैं। ऐसे में आगरा पुलिस के सामने अजब-गजब मामला पेश हुआ। आगरा के लोहामंडी के नौबस्ता चौराहे पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान उसने सामने से आते घुड़सवार को देखा। पुलिस के लिए हैरान करने वाली बात ये थी कि घोड़े ने तो अपना पारंपरिक मास्क लगा रखा था। जबकि घुड़सवार खुद बिना मास्क के था।

पुलिस को देख उसने घोड़े को वहां से भगाने का प्रयास किया। मगर, घोड़ा टस से मस नहीं हुआ। वहीं पर खड़ा हो गया। पुलिस से बचने के लिए घुड़सवार ने खूब अक्ल के घोड़े दौड़ाए। कई बहाने बनाए, लेकिन पुलिस का उससे कहना था कि जब वह घोड़े को सही रास्ते पर ले जाने के लिए उसे मास्क पहना सकता है।वह खुद भी मास्क क्यों नहीं पहन सकता। बिना मास्क के इस तरह घुड़सवारी करके वह अपने साथ परिवार व अन्य लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। घुड़़सवार को बिना मास्क घूमते देखकर राहगीरों ने भी उसे गलत ठहराया। इंस्पेक्टर लोहामंडी सुनील कुमार सिंह ने बताया बिना मास्क घूम रहे घुड़सवार छोटू का चालान किया गया है। वह शाहगंज थाने खेरिया मोड़ का रहने वाला है।

कोरोना कर्फ्यू में बेवजह और बिना मास्क घूमते 1695 लोगों का चालान

कोरोना कर्फ्यू में रविवार को चेकिंग के दौरान पुलिस ने सख्ती दिखाई। लगातार चेतावनी और जागरूता के बावजूद लोग बेवजह और बिना मास्क घरों से निकल रहे हैं। रविवार को एसएसपी समेत सभी थानाध्यक्षों ने बाजारों और कालोनियों में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बिना मास्क घूमते मिले लोगों 1695 लोगों का पुलिस ने चालान किया।

कोरोना कर्फ्यू की अवधि को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि इस दौरान मेडिकल स्टोर समेत आवश्यक वस्तुओं की दुकानें पूर्व की तरह खुली रहेंगी। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लोगों से लगातार घरों में रहने की अपील की जा रही है। जरूरी होने पर बाहर निकलने की कहा जा रहा है। इसके बाजवूद लोग बेवजह और बिना मास्क के घरों से निकल रहे हैं। रविवार को पुलिस ने जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाया।

पुलिस ने कालोनियों में पैदल गश्त की। इस दौरान सड़कों पर घूमते लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी। वहीं हरीपर्वत क्षेत्र में एसएसपी मुनिराज ने अधीनस्थों के साथ पैदल गश्त करने के साथ ही चेकिंग की। शहर में 925 लोगों का चालान करके एक लाख 40 हजार 800 रुपये जुर्माना वसूल किया। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस ने 770 लोगों का चालान करके दो लाख 35 हजार 400 रुपये जुर्माना वसूल किया।