आगरा, जागरण संवाददाता। वाहनों से होने वाले अपराधों को रोकने के लिए परिवहन विभाग ने नए वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का निर्णय लिया था। इसके बाद अप्रैल 2019 से नए वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगने का काम शुरू हो गया। इसके बाद मुख्यालय से आए आदेश के अनुसार पुराने वाहनों में दिसंबर से नंबर प्लेट लगाने का कार्य शुरू होना था, लेकिन अभी तक आगरा में यह कार्य शुरू नहीं हो सका है।

आरटीओ कार्यालय के अनुसार आगरा में 11 लाख के करीब पुराने वाहन रजिस्टर्ड हैं। जिस कंपनी का वाहन है उसी कंपनी का अधिकृत डीलर वाहन पर नंबर प्लेट लगाएगा। इसके लिए वाहन डीलर तैयार भी हो गए। नए वाहनों पर तो डीलर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगा रहे हैं, लेकिन पुराने वाहनों पर लगाने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है।

एआरटीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि दिसंबर से सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का काम शुरू तो होना था, लेकिन इसका कोई आदेश मुख्यालय से नहीं आया है। वाहन स्वामी सीधे संबंधित डीलर के पास जाएगा और वहां अपनी गाड़ी की आरसी की फोटो कॉपी के साथ नंबर प्लेट का आर्डर देगा। नंबर प्लेट बनकर आने पर डीलर उसे सूचना देगा और वाहन पर नंबर प्लेट लग जाएगी।

क्या फायदे हैं हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के

परिवहन अधिकारियों ने बताया कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के कई फायदे हैं। अंधेरे में नंबर प्लेट चमकती है। वाहन यदि दुर्घटना ग्रस्त हो जाता है तो नंबर को सीसीटीवी कैमरे से आसानी से देखा जा सकता है। अपराधी वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते हैं। वाहन के जलने पर प्लेट को छूकर उभरे नंबर की मदद से वाहन के नंबर की जानकारी हो जाती है।

 

Posted By: Tanu Gupta

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप