आगरा: गर्भवती महिलाएं और गर्भस्थ शिशु स्वस्थ रहें, इसके लिए प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान चल रहा है। इसमें हर महीने सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को जांच और परामर्श दिया जाता है। निजी चिकित्सक इस अभियान में दिलचस्पी नहीं ले रहे।

अभियान के तहत हर महीने की 9 तारीख को लेडी लॉयल महिला चिकित्सालय, शहरी स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर लगाया जाता है। इसमें गर्भवती की ज्यादा संख्या को देखते हुए निजी चिकित्सकों को भी अभियान से जोड़ा है। इसमें 31 स्त्री रोग विशेषज्ञों ने अपना पंजीकरण कराया। ये शिविर में परामर्श देने नहीं पहुंच रही हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के जिला कार्यक्रम प्रबंधक कुलदीप भारद्वाज ने बताया कि 31 में से शहरी क्षेत्र में केवल डॉ. हेमा सड़ाना द्वारा जीवनी मंडी स्वास्थ्य केंद्र पर परामर्श दिया जा रहा है।

10 फीसद गर्भवती की फाइल पर लाल बिंदी

हर महीने शिविर में 10 फीसद गर्भवती हाई रिस्क पर होती हैं, इनमें खून की कमी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह सहित एचआइवी डायग्नोज हो रहा है। इनकी फाइल पर लाल मुहर या लाल बिंदी लगा दी जाती है। जिससे अस्पताल में ही प्रसव हो और प्रसूता व नवजात स्वस्थ्य रहें।

विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही इस तरह के अभियान को विफल कर देती है। जब तक लोग अपनी राष्ट्र के प्रति मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे तब तक योजनाओं का सफल हो पाना मुश्किल है।

ये है हाल

- 1238 गर्भवती महिलाएं अगस्त में शिविर में हुई शामिल

-116 गर्भवती महिलाएं मिलीं हाई रिस्क वाली

- 45 में सीवियर एनीमिया (हीमोग्लोबिन सात से कम)

- 16 में उच्च रक्तचाप

-14 में मधुमेह

- 01 एचआइवी पॉजिटिव

Posted By: Jagran