आगरा, जेएनएन। मथुरा में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय (दस) अमर सिंह की अदालत में जेल में बंद कैंपस फ्रंट आफ इंडिया (सीएफआइ) के सदस्य की जमनात अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई हुई। क्राइम ब्रांच से जांच एसटीएफ को ट्रांसफर किए जाने पर पूर्व विवेचक ने दो सप्ताह का समय मांग लिया। अब जमनात प्रार्थना पत्र पर 29 अक्टूबर को सुनवाई होगी।

पांच अक्टूबर को पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस वे के मांट टोल प्लाजा से कार सवार कैंपस फ्रंट आफ इंडिया के अतीर्कुरहमान (नगला रतनपुरी मुजफ्फर नगर) , आलम (घेर फतेर रामपुर), सिद्दीकी (मल्लपुरम केरल) और मसूद (जरवल रोड बहराइच) को गिरफ्तार किया था। ये सभी हाथरस के लिए जा रहे थे। इनके कब्जे से हाथरस में शांतिभंग करने से संबंधी दस्तावेज मिले थे। मांट पुलिस ने धारा 151 शांति भंग में इनका चालान किया था, बाद में इन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अगले दिन पुलिस ने इनके खिलाफ देशद्रोह समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। अस्थाई जेल में बंद आलम (घेर फतेर रामपुर) की जमानत अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी। इससे पहले ही क्राइम ब्रांच से जांच को हटा कर शासन के निर्देश पर एसटीएफ को सौंप दिया गया। जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह ने बताया, एसटीएफ को जांच सौंप दिए जाने के बाद जिला जज ने मुकदमा को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय (दस) की अदालत में ट्रांसफर कर दिया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया, आलम की जमानत अर्जी पर अदालत में आज सुनवाई हुई। पूर्व जांच अधिकारी सीओ धर्मेंद्र सिंह चौहान ने अदालत से दो सप्ताह का समय मांगा था। सीओ ने अदालत को बताया, जांच एसटीएफ को ट्रांसफर कर दी गई है। केस डायरी और जांच आख्या एसटीएफ को ही अदालत में प्रस्तुत करनी है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया, अदालत ने आलम की जमानत अर्जी पर सुनवाई की तारीख 29 अक्टूबर मुकर्रर की गई है। 

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