आगरा, जागरण संवाददाता। बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी के खिलाफ 22 साल पुराने मामले में शुक्रवार को वादी एवं गवाह के हाजिर न होने पर जिरह नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता डाक्टर रवि अरोरा ने अदालत से अंसारी को उच्च स्तरीय श्रेणी की सुविधा की मांग की। मामले में विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए नीरज गौतम ने जिरह के लिए सात जनवरी की तारीख नियत की है।

मऊ सदर से विधायक मुख्तार अंसारी वर्ष 1999 में केंद्रीय कारागार में बंद था। मार्च में अधिकारियों ने अंसारी की बैरक में छापा मारकर वहां से मोबाइल व बुलेटप्रूफ जैकेट बरामद की थी। जगदीशपुरा थाने में तत्कालीन थानाध्यक्ष शिवशंकर शुक्ला ने अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।जिसकी सुनवाई विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए नीरज गौतम की अदालत में हो रही है।

बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेसिंग से पेशी हुई। मगर, मुकदमे के वादी एवं गवाह तत्कालीन थानाध्यक्ष शिवशंकर शुक्ला अदालत में हाजिर नहीं हुए। जिसके चलते बचाव पक्ष के वकील डाक्टर रवि अरोड़ा की वादी से जिरह नहीं हो सकी।अदालत ने मुकदमे में जिरह के लिए सात जनवरी की तारीख नियत की है।

मुकदमा एक नजर

18 मार्च 1999: जगदीशपुरा थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ धारा 420, 419, 109 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज

17 मई 1999: अंसारी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत

22 सितंबर 2021: विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए की अदालत में अंसारी द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपों से डिस्चार्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत

30 सितंबर 2021: अदालत ने अंसारी आरोपों से डिस्चार्ज करने को प्रस्तुत प्रार्थना खारिज किया।

8 अक्टूबर 2021: विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए की अदालत में अंसारी के खिलाफ धारा 420 व 419 के तहत आरोप तय।

12 अक्टूबर 2021: आरोप तय होने के बाद मुकदमे की सुनवाई की तारीख

20 नवंबर 2021: अदालत ने वादी शिवशंकर शुक्ला और गवाह रूपेंद्र गौड़ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए।

13 दिसंबर 2021: वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन पर अवकाश के चलते नहीं हो सकी जिरह

23 दिसंबर 2021: गवाह के हाजिर न होने पर नहीं हो सकी जिरह

24 दिसंबर 2021: वादी एवं गवाह तत्कालीन थानाध्यक्ष के न आने पर नहीं हो सकी गवाही 

Edited By: Tanu Gupta