आगरा, जेएनएन। कोलकाता में डॉक्टर्स के साथ अभद्रता के मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बेहद गंभीर होने के कारण सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर्स के कार्य बहिष्कार का बड़ा असर एटा, कासगंज सहित आगरा मंडल में भी पड़ा है। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जूनियर डॉक्‍टर्स ने मरीज देखने से इंकार कर दिया। इससे एसएन और जिला अस्‍पताल में मरीजों की लंबी लाइन लग गई। यह ही हाल प्राइवेट डॉक्‍टर्स के क्‍लीनिक पर भी रहा। मंडलभर में दिख रहे हड़ताल के असर के कारण मरीज के साथ तीमारदार बेहद परेशान हैं। 17 जून सुबह छह से 18 जून सुबह 6 बजे तक आईएमए की हडताल है, इस दौरान गंभीर मरीज ही इमरजेंसी में देखे जाएंगे और जो मरीज हॉस्पिटल में भर्ती हैं उनका ही इलाज किया जा रहा है। नए मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर पश्चिम बंगाल और पूरे भारत में बढ़ रहे हमलों के विरोध में चिकित्सक हड़ताल पर हैं। मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवायें पूरी तरह से चरमरा गई हैं। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज के सीनियर के साथ जूनियर डॉक्टर्स काली पट्टी पहनकर अपना विरोध जता रहे हैं।

कासगंज में निजी चिकित्सक हड़ताल पर हैं। क्लीनिकों परताले लटके हुए हैं। शहर के होटल शीराज में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बैठक चल रही है। हालाकि सरकारी अस्पताल खुले हुए हैं। मैनपुरी में निजि चिकित्‍सकों की हड़ताल के कारण मरीज परेशान हैं। उधर फीरोजाबाद में हड़ताली डॉक्‍टर यूनिटी हॉस्पिटल में बैठक कर रहे हैं। 

डायग्नोस्टिक सेंटर भी हड़ताल पर

डायग्नोस्टिक सेंटर के भी हड़ताल में शामिल होने की वजह से मरीजों की जांचें भी नहीं हो पाईं। सीटी स्‍कैन, एमआरआई, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए लोग परेशान नजर आए। वहीं खून की जांच के लिए भी निजी पैथोलॉजी से लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। 

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