Health News: डायबिटीज में इन्हें आजमाएं और राहत पाएं, एक्सपर्ट की सलाह, ये 8 नुस्खें हैं अचूक दवा
Health News योगा थेरेपिस्ट और काउंसलर डॉ हर्षिता पोपटानी के अनुसार नीम करेला पटसन तुलसी जैसे आठ देशी चीजों का सेवन और नुस्खा शुगर के मरीजों को देता है राहत। सहजन के पत्ते भी करते हैं शुगर लेवल कम। दवाओं के साइड इफेक्ट से बचने के लिए अपनाएं देसी नुस्खे।

आगरा, तनु गुप्ता। डायबिटीज...जिसे धीरे धीरे शरीर को खाेखला करने वाली बीमारी भी कहा जाता है, आज हर दूसरे व्यक्ति को हो रही है। मीठे की ये बीमारी जीवन में जैसे जहर घोलती है। ब्लड प्रेशर जैसी परेशानी डायबिटीज की संगी साथी मानी जाती है। तेजी से पैर पसार चुकी डायबिटीज की समस्या के पीछे अनुवांशिक कारण के अलावा लाइफ स्टाइल और खान पान बड़े जिम्मेदार हैं। यदि इससे आप भी पीड़ित हैं तो कुछ विशेष सावधानियों के साथ स्पेशल फूड का खास ध्यान रखें। योगा थेरेपिस्ट और काउंसलर डॉ हर्षिता पोपटानी के अनुसार डायबिटीज की दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट शरीर को खाली करते हैं। इसलिए ये जरूरी है कि अपने खान पान में एेसी चीजों का प्रयोग बढ़ा दें जो दवाओं के साइड इफेक्ट खत्म करने के साथ शरीर को अंदरूनी ताकत दे।

डॉ हर्षिता पोपटानी, योगा थेरेपिस्ट एवं काउंसलर
तुलसी के पत्ते
तुलसी के पत्तों में एन्टीआक्सिडन्ट और ज़रूरी तेल होते हैं जो इजिनॉल, मेथिल इजिनॉल और कैरियोफ़ैलिन बनता है। ये सारे तत्व मिलकर इन्सुलिन जमा करने वाली और छोड़ने वाली कोशिकाओं को ठीक से काम करने में मदद करते हैं। इससे इन्सुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है। एक और फ़ायदा ये है कि पत्तियों में मौजूद एन्टीआक्सिडन्ट आक्सिडेटिव स्ट्रेस संबंधी कुप्रभावों को दूर करते हैं।
नुस्खा
शुगर लेवल को कम करने के लिए दो से तीन तुलसी के पत्ते खाली पेट लें, या एक टेबलस्पून तुलसी के पत्ते का जूस लें।
पटसन के बीज
इनमें फाइबर सामग्री बहुल मात्रा में पाई जाती है जो पाचन में तो मदद करते ही हैं साथ ही फैट और शुगर के अवशोषण में भी सहायक होते हैं। पटसन के बीज खाने से मधुमेह से ग्रसित मरीजों में शुगर की मात्रा 28 प्रतिशत तक कम होती है।
नीलबदरी के पत्ते
मधुमेह को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में सदियों से हो रहा है। जर्नल ऑफ़ न्यूट्रीशन ने कहा है कि इसकी पत्तियों में एंथोसियानीडीनस भारी मात्रा में मौजूद होते हैं जो चयापचय की प्रक्रिया और ग्लूकोज़ को शरीर के विभिन्न भागों में पहुंचाने की प्रक्रिया को समृद्ध करता है। अपने इस ख़ास गुण के कारण नीलबदरी के पत्ते ब्लड शुगरलेवल को कम करने में काफी कारगर होते हैं।
दालचीनी
ये इन्सुलिन की संवेदनशीलता को सुधारने के साथ-साथ ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को भी कम करता है। अगर सिर्फ आधी चम्मच दालचीनी रोज ली जाए तो इन्सुलिन की संवेदनशीलता को सुधारा और अपने वज़न को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे ह्रदय संबंधी रोगों का खतरा कम हो जाता है।
नुस्खा
लगभग एक महीने के लिए अपने रोज़ के आहार में एक ग्राम दालचीनी का इस्तेमाल करें, इससे ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद मिलेगी।
ग्रीन टी
ग्रीन टी में पॉलीफिनोल्स होते हैं जो एक मज़बूत एंटी-ऑक्सीडेंट और हाइपो-ग्लाइसेमिक तत्व है, इससे ब्लड शुगर को रिलीज़ करने में मदद मिलाती है और शरीर इन्सुलिन का सही तरह से इस्तेमाल कर पाता है।
सहजन के पत्ते
इसे मोरिंगा भी कहते हैं, इसके पत्तों में इसमें दूध की तुलना में चार गुना कैलशियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। मधुमेह के मामलों में इन पत्तों के सेवन से भोजन के पाचन और रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है।
इसबगोल
पानी में मिलने के बाद इसबगोल की भूसी ‘जेल’ जैसा तत्व बनाती है जिसका सेवन ब्लड ग्लूकोज़ के अवशोषण और भोजन के पाचन को सुगम बनाता है। ये अल्सर और एसिडिटी से भी बचाता है।
करेला
करेले में इन्सुलिन-पोलिपेपटाइड होता है, ये एक ऐसा बायो-कैमिकल तत्व है जो ब्लड-शुगर को कम करने में उपयोगी है।
नुस्खा
हर हफ्ते कम से कम एक बार करेले की सब्जी या कढी ज़रूर लें. अगर आप जल्द असर चाहते हैं तो तीन दिन में एक बार खाली पेट करेले का जूस लें।
नीम
देश में प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले नीम के पत्ते स्वाद में कडवे होते हैं पर इनमें बहुत सी खासियतें हैं। नीम इन्सुलिन रिसेप्टर सेंसिटिविटी बढाने के साथ साथ शिराओं व धमनियों में रक्त प्रवाह को ठीक करता है और हाइपो ग्लाय्केमिक ड्रग्स पर निर्भर होने से बचाता है।
नुस्खा
बेहतर नतीजों के लिए नीम के पत्तों का जूस रोज़ सुबह खाली पेट लें।
जामुन
ये ब्लड-शुगर को कम करने में मदद करता है और ह्रदय संबंधी बीमारियों से शरीर को दूर रखता है ।

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