आगरा, जागरण संवाददाता। चंबल और यमुना के बीच घिरे बाह क्षेत्र का बीहड़ एक बार फिर चर्चा में आ गया है। राकेश कुमार सिंह के वायुसेना प्रमुख बनने की खबर मिलते ही यहां खुशियों ने उड़ान भर ली। राकेश करीब 15 वर्ष पहले अपने गांव कोरथ आए थे।

नवनियुक्त एयरचीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह का पैतृक गांव कोरथ आगरा जिले के बाह से करीब पंद्रह किमी दूर बीहड़ में है। राकेश सिंह भदौरिया के पिता सूरजपाल भी एयरफोर्स ऑफिसर रह चुके हैं। एयरफोर्स में नौकरी के दौरान ही सूरजपाल ग्वालियर में शिफ्ट हो गए थे। चाचा और उनका परिवार इटावा में बस गया। राकेश कुमार सिंह का जन्म भले ही गांव कोरथ में नहीं हुआ मगर गांव से लगाव निरंतर बना रहा। जब भी मौका मिलता, वे गांव जरूर आते। कभी पिता के साथ तो कभी अकेले। राकेश कुमार सिंह के भतीजे संजीव भदौरिया ने जागरण को बताया कि वे करीब पंद्रह वर्ष पहले गांव आए थे। तब गांव के लोगों से खूब बातें की थीं।

राकेश कुमार सिंह के वायुसेना प्रमुख बनने की खबर मिलते ही गांववासी फूले नहीं समा रहे। ग्रामीण सोनू सिंह ने कहा कि राकेश सिंह ने गांव व बाह का ही नहीं, जिला और प्रदेश का भी नाम रोशन किया है। पूर्व सैनिक लेखराज, ब्रह्मप्रताप व पप्पू का कहना है कि अब हमारे लाल के ऊपर देश की बड़ी जिम्मेदारी है।

 

बधाई देने आगरा से रवाना हुए रिश्तेदार

एयर वाइस चीफ एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया को वायुसेना द्वारा देश का अगला वायु सेना प्रमुख घोषित करते ही उनके रिश्तेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई। आरकेएस भदौरिया होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान के बहनोई हैं। राकेश चौहान की छोटी बहन आशा भदौरिया की शादी वर्ष 1986 में आरकेएस भदौरिया से हुई थी। तब वो फाइटर प्लेन जगुआर को उड़ाते थे। आशा भदौरिया ने आगरा कॉलेज से अंग्रेजी में एमए किया हुआ है। उनकी स्कूलिंग क्वीन विक्टोरिया गल्र्स इंटर कॉलेज में हुई थी। वो वर्तमान में सैनिकों की संस्था आशा की चेयरपर्सन हैं। राकेश चौहान, राजीव चौहान, गौरव सिंह, संदीप अरोड़ा आदि शाम को ही उन्हें बधाई देने दिल्ली रवाना हो गए।  

Posted By: Tanu Gupta

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