ग्वालियर आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, डेढ़ घंटे में होगी दूरी तय; मुआवजे ने अटकाया पेच
ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने से यात्रा का समय घटकर डेढ़ घंटा हो जाएगा, हालांकि भूमि अधिग्रहण मुआवजे के विवाद के ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
जागरण संवाददाता, आगरा। ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बन जाने से दोनों शहरों के बीच लगने वाला समय घटकर डेढ़ घंटा रह जाएगा। जबकि अभी तीन घंटे से ज्यादा लगते हैं। हालांकि एक्सप्रेसवे का कार्य अभी मुआवजा के चक्कर में अटक गया है। 141 करोड़ में अभी तक 92 करोड़ रुपये का वितरण हुआ है।
किसान बढ़े हुए मुआवजा की मांग कर रहे हैं। जिस पर जिला प्रशासन ने तहसील सदर, फतेहाबाद और खेरागढ़ में आधा दर्जन टीमों का गठन किया है। यह टीमें हर दिन किसानों को मनाने का प्रयास कर रही हैं। तीनों तहसीलों में 134 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है।
ग्वालियर से आगरा के मध्य छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। बाद गांव के पास एक्सप्रेसवे इनर रिंग रोड के तीसरे चरण की रोड से मिलेगा। यहां पर इंटरचेंज बनाया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ग्वालियर खंड की टीम ने ग्वालियर की तरफ से एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू कर दिया है। चंबल नदी पर हैंगिंग पुल बन रहा है।
एक्सप्रेसवे बनने से ग्वालियर से आगरा पहुंचने में डेढ़ घंटे का समय लगेगा। अभी यह सफर तय करने में तीन घंटे से अधिक का समय लगता है। सदर सहित तीन तहसीलों में 400 किसानों की 134 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। अब तक 250 किसानों ने एडीएम भूमि अध्याप्ति कार्यालय से मुआवजा ले लिया है।
लेकिन 150 किसान मुआवजा लेने नहीं आ रहे हैं। एडीएम भूमि अध्याप्ति एबी सिंह ने बताया कि 49 करोड़ रुपये का मुआवजा का वितरण अभी तक नहीं हुआ है। किसानों को समझाने के लिए आधा दर्जन टीमों का गठन किया गया है।साथ ही अगर किसान मुआवजा लेने नहीं आते हैं तो मुआवजा की राशि को लेकर शासन से मार्गदर्शन मांगा जाएगा।
फैक्ट फाइल
- 4613 करोड़ रुपये से बन रहा है ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे
- 88 किमी लंबा है एक्सप्रेसवे
- 121 किमी है वर्तमान फोरलेन हाईवे की लंबाई
- 33 किमी कम हो जाएगी आगरा से ग्वालियर की दूरी
- 1.30 घंटे आगरा से ग्वालियर पहुंचने में लगेंगे
