आगरा,जागरण संवाददाता। कोरोना काल के दौरान लगे लाकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस होंगे। मंगलवार को शासन ने मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया। जिन मुकदमों में न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल हो चुका है, केवल वह ही वापस लिए जाएंगे। शासनादेश में पूर्व व वर्तमान सांसद, विधायक और एमएलसी पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की बात नहीं है, इनके लिए अलग से प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

मार्च 2020 में संपूर्ण लाकडाउन व अप्रैल 2021 में कोविड प्रोटोकाल सख्ती से लागू होने के बाद पुलिस ने आगरा में लाकडाउन उल्लंघन में 4512 मुकदमें दर्ज किए थे। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पुलिस ने यह कदम उठाया था। महामारी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। पुलिस ने अधिकांश मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की थी। जिन लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए थे, उन्हें आजतक समन भी नहीं मिले हैं। अब विस चुनाव का आगाज होने से पहले सरकार द्वारा लाकडाउन उल्लंघन में दर्ज मुकदमे वापस लेने के फैसले से हजारों लोगों को राहत मिल जाएगी।

प्रमुख सचिव प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की ओर से जारी इस शासनादेश में उल्लेख किया गया है कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इस संबंध में मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया था। उसमें कहा गया था कि कोविड-19 प्रोटोकाल के उल्लंघन में दर्ज मुकदमों की समीक्षा की जाए, जिससे सामान्य नागरिकों को अनावश्यक अदालती कार्यवाही का सामना न करना पड़े। पत्र में समीक्षा के बाद मुकदमे वापसी पर विचार का सुझाव दिया गया था, जिसे स्वीकार करते हुए प्रदेश सरकार ने यह प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला किया है। उच्च न्यायालय ने भी तीन माह में इन मुकदमों को खत्म करने संबंधी आदेश आठ अक्टूबर को पारित किया था। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि जिन मुकदमों में आरोप-पत्र दाखिल नहीं हुए हैं, उन्हें खत्म करने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।

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