आगरा, जेएनएन। विदर्भ जैसे हालात यहां भी हो सकते हैं। भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। कई इलाके तो ऐसे में हैं, जहां 300 फीट की खुदाई के बाद भी पानी नहीं मिल रहा। ऐसे क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन के लिए तालाब बनाने को सरकार किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। अपने खेत में तालाब बनवाने पर सरकार किसानों को अनुदान भी देगी। खराब भूजल स्थिति वाले ब्लॉकों के किसानों को यह मौका मिलेगा। जिससे इनमें बरसात का पानी सहेजकर भूजल स्तर में सुधार किया जा सके।

प्रदेश शासन की ओर से वर्षा जल संचयन को खेत-तालाब योजना संचालित की जा रही है। ब्रजमंडल के ऐसे ब्लॉक इस योजना का लाभ ले सकते हैं। आगरा में फतेहपुरसीकरी, जगनेर, खेरागढ़, एत्मादपुर ब्लॉक में जलस्तर बहुत नीचे चला गया है। एटा में जलेसर, निधौली कलां और अवागढ़ विकासखंडों में भी भूजल की स्थिति अच्छी नहीं है। एटा में इन तीनों ब्लॉकों में कुल आठ तालाब बनवाए जाने की योजना है। प्रत्येक तालाब 22 गुणा 20 मीटर आकार का तीन मीटर गहरा होगा। जिसका निर्माण किसानों को ही अपने संसाधनों पर करना होगा। एक तालाब पर 1.05 लाख रुपये की लागत तय की गई है। इसमें से आधी धनराशि किसान को खर्च करनी होगी और आधी सरकार देगी। तालाबों में बरसात का पानी संचयित होने से जहां भूजल की स्थिति सुधरेगी। वहीं, इनमें मत्स्य पालन, फसलों की ङ्क्षसचाई के जरिए किसान लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने बताया कि इच्छुक किसानों को भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय में आवेदन करना होगा। जिसके बाद किसानों को चयनित कर काम शुरू कराया जाएगा। अनुदान की धनराशि तीन किश्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। 

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Posted By: Prateek Gupta