आगरा, जेएनएन। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के खिलाफ गोवर्धन में आक्रोश मुखर हो गया। आक्रोशित क्षेत्रीय नागरिक सड़क पर उतर आए। 21 किलोमीटर परिक्रमा मार्ग के बाजार को बंद कर प्रदर्शन किया। रैली निकाल कर नारेबाजी की गई। इस बीच यहां श्रद्धालुओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
धार्मिक दृष्टिकोण से गिरिराजजी पर्वत का बहुत महत्व है। यह करीब साढ़े दस किम लंबा है। करोड़ों लोग 21 किमी लंबी परिक्रमा के लिए यहां आते हैं। इसका डेढ़ किमी का एरिया राजस्थान सीमा पड़ता है। पर्वतराज के सुंदरीकरण के लिए संत आनंद बाबा ने एक याचिका एनजीटी में दाखिल कर रखी है। इसकी पैरवी प्रसिद्ध पर्यावरण एमसी मेहता ने की, लेकिन उनके अस्वस्थ्य होने पर सर्थक चतुर्वेदी याची की तरफ से कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं। एनजीटी ने परिक्रमा मार्ग में जाम, प्रदूषण, गंदगी और पर्वत के संरक्षण को लेकर 4 अगस्त 2015 को 17 बिंदुओं को लेकर आदेश दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को नो व्हीकल जोन और नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित कर दिया। इसके कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके विरोध में मंगलवार को क्षेत्रीय लोगों ने गोवर्धन बंद कर दिया। जो पूरी तरह सफल रहा। गोवर्धन, राधाकुंड, राधाकुंड देहात, आन्यौर, पूंछरी, जतीपुरा के लोगों ने बंद का समर्थन करते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। भोर में ही तमाम भीड़ सड़कों पर उतर आई और बाइक रैली के साथ नारेबाजी करते हुए परिक्रमा करने लगे। जुलूस भी निकाला गया और एनजीटी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। व्यापार मंडल के संजीव लालाजी, गणेश पहलवान, जुगल पटेल, श्याम सुंदर उपाध्याय, ज्ञानेंद्र राणा, घन श्याम अग्रवाल उर्फ वाचे लाला, मनीष लंबरदार, कान्हा मुखिया, हेमंत शर्मा, रामधन शर्मा ने अगुवाई की।

प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
दिनेश प्रधान, मनोज लालाजी, भानु पाराशर, पवन खंडेलवाल, दाऊजी गौड़, संजय शर्मा, मनोज लंबरदार, ज्ञानो, विष्णु भगवान, कपिल, कान्हा बंसल, नितेश, पंकज, भोलू, सुनील पाठक, केशव मुखिया, वरुण, दीनदयाल, जीतू बंसल, डॉ रविन्द्र पांडेय, विष्णु सैनी, गौरव, आकाश, परशुराम, हरभान ङ्क्षसह, विजय ङ्क्षसह आदि मौजूद थे।

एनजीटी ने ये दिए थे आदेश
- एनजीटी ने कहा था कि दस मीटर चौड़ा मार्ग मकान और आश्रमों के पीछे से बनाकर इसी मार्ग से वाहनों को निकाला जाए।
- केवल इस मार्ग से मेडिकल और फायर सर्विस को ही छूट दी जाए।
- परिक्रमा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर इसमें नये निर्माण कार्य नहीं किए जाए।
- गंदे पानी के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाए।
- कूड़ा कलेक्शन और निस्तारण किया जाए।
- पक्की के साथ ही कच्चा परिक्रमा मार्ग बनाया जाए।
- इसके निर्माण में पेड़ पौधों का नष्ट नहीं किया जाए।
- गंदे पानी को ट्रीटमेंट करके वृक्षों की सिंचाई की जाए।
- मार्गों की हालत सुधारी जाए। परिक्रमा मार्ग से दो सौ मीटर की दूर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराएं।
- वन विभाग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। इस भूमि का रिजर्व फोरेस्ट घोषित किया जाए। अधिक से अधिक पौधे लगाएं। - पर्वत और परिक्रमा मार्ग वाले हिस्से से अवैध अतिक्रमण हटाकर उन गतिविधियों को बंद कराया जाए, जिससे दर्शन प्रभावित होते हैं।
- श्राइन बोर्ड की तर्ज पर एक स्वतंत्र बोर्ड बनकर धार्मिक स्थल पर उचित व्यवस्थाएं बनाई जाए। पर्वत, कुंड और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण किया जाए।

ये थीं प्रदर्शनकारियों की मांग
- स्थानीय लोगों के वाहन पर प्रतिबंध न लगाया जाए।
- परिक्रमा मार्ग मे प्याऊ और भंडारे पर रोक न लगाई जाए।
- ई रिक्शा चलने दिए जाएं। परिक्रमा मार्ग स्थित मेरिज होम में मांगलिक कार्यक्रम के लिए वाहनों की आवाजाही की जाए। - अतिक्रमण के नाम पर की जा रही तोडफ़ोड़ बंद हो।
- मार्ग मे लगी जंजीर खोली जाएं। निर्माण कार्य पर लगाई रोक हटाई जाए।
- डीजे बजाने की मंजूरी प्रदान की जाए।
- ठेल ढकेल वालों को उचित स्थान मिले।
- ब्रज के मंदिरों को श्राइन बोर्ड से बाहर किया जाए।
- श्रद्धालुओं से अभद्रता बंद की जाए।
 

Posted By: Tanu Gupta

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