आगरा, जागरण संवाददाता। राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे गुर्जर आंदोलन ने गोल्डन ट्रायंगल के पर्यटन को प्रभावित कर दिया है। ट्रेनें रद् होने से रास्ते बदलकर जाने को मजबूर पर्यटकों का पांच घंटे का सफर अब आठ घंटे में हो रहा है। इस रास्ते पर सुविधाओं के अभाव में बुजुर्ग पर्यटकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

गोल्डन ट्रायंगल में दिल्ली- आगरा- जयपुर शामिल हैं। आगरा से पर्यटक राजस्थान के जोधपुर, रणथंभौर और अन्य पर्यटन स्थलों पर जाते हैं। गुर्जर आंदोलन से पूर्व पर्यटक भरतपुर- बयाना होते हुए रणथंभौर जाते थे। इसमें चार से पांच घंटे का समय लगता था। आंदोलन के चलते ङ्क्षहडौन- बयाना रूट बंद है। धौलपुर वाले रास्ते पर पहले ही दिन आगजनी हो चुकी है। इससे पर्यटकों के लिए मुसीबत बढ़ गई है। टूर ऑपरेटर यह नहीं चाहते कि विदेशी पर्यटक मार्ग में किसी अप्रिय स्थिति में फंसे। वो राजस्थान पुलिस द्वारा बताए गए रूट महुआ, बांदीकुई, दौसा, जयपुर होते हुए पर्यटकों को रणथंभौर भेज रहे हैं। इस रास्ते से आगरा से रणथंभौर पहुंचने में पर्यटकों को सात से आठ घंटे का समय लग रहा है। यह रास्ता भी अच्छा नहीं है और इस पर सुविधाएं भी कम हैं।

क्या कहते हैं पर्यटन व्यवसायी

टूरिज्म गिल्ड के सचिव राजीव सक्सेना कहते हैं कि राजस्थान में हर साल आंदोलन हो रहा है। अगर स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो गोल्डन ट्रायंगल के पर्यटन की स्थिति खराब होगी। पर्यटक सुरक्षा की दृष्टि से यहां आने से कतराने लगेंगे।

ली पैसेज टू इंडिया के उपाध्यक्ष राजेश शर्मा के अनुसार जनवरी में पर्यटकों की संख्या कम रहने के बाद फरवरी में आगरा आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। सरकार को इस स्थिति पर तुरंत नियंत्रण करना चाहिए, जिससे कि पर्यटकों को कोई परेशानी न हो।

आज रद हैं एक दर्जन से अधिक ट्रेनें

राजस्थान में चल रहे गुर्जर आंदोलन के कारण ट्रेनों का आवागमन लगातार पांचवें दिन भी बाधित रहा। मंगलवार को दिन भर यात्री भटकते रहे। बुधवार के लिए भी एक दर्जन ट्रेनें निरस्त कर दी गई हैं। कई ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया है।

आठ फरवरी की रात से ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया जा रहा है। मंगलवार को भी एक दर्जन से अधिक ट्रेन रद रहीं। ट्रेनें रद होने और रूट बदलने से ट्रेन यात्री दिन भर कैंट रेलवे स्टेशन पर भटकते रहे। स्टेशन के पूछताछ काउंटर पर यात्रियों की खासी भीड़ ट्रेनों के आवागमन के बारे में पूछती रहीं। इस बाबत जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे एसके श्रीवास्तव का कहना है कि गुर्जर आंदोलन को देखते हुए ट्रेनों का आवागमन बाधित है। कुछ ट्रेन रद कर दी गई हैं, वहीं कुछ का रूट डायवर्ट किया गया है।

ये ट्रेनें हैं रद

सवाई माधौपुर-मथुरा पैसेंजर, कोटा-निजामुद्दीन एक्सप्रेस, कोटा-यमुना ब्रिज पैसेंजर (आने-जाने की) आगरा-फोर्ट कोटा पैसेंजर, कोटा-उधमपुर एक्सप्रेस, उदयपुर-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दीन-उदयपुर एक्सप्रेस भी रद रहेगी। हजरत निजामुद्दीन-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस और देहरादून-बांद्रा टर्मिनस लिंक एक्सपे्रस भी बुधवार के लिए रद कर दी गई हैं।

इनका बदला रूट

निजामुद्दीन-तिरुअनंतपुरम एक्सप्रेस, नई दिल्ली-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दीन-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस और अमृतसर -बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस का रूट बदल दिया गया है।

बवाल देख वापस लौट रहीं बस

गुर्जर आंदोलन का असर रोडवेज बसों के आवागमन पर भी पड़ रहा है। बवाल देख रास्ते से बसें लौट रही हैं। बस चालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वह राजस्थान के रूटों पर बवाल देखते ही बस और यात्रियों को सुरक्षा को देख वापस लौट आएं। आरएम मनोज कुमार त्रिवेदी ने बताया कि बसों के संचालन में एहतियात बरती जा रही है।  

Posted By: Prateek Gupta

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