आगरा, जागरण संवाददाता। यमुना आरती स्थल पर रविवार शाम घंटे, थाली और शंख बजाकर यमुना मैया की व्यथा को उठाया गया। यह नजारा देखकर राहगीर भी रुक गए और कार्यक्रम में शामिल हुए। जिनके पास घंटा व थाली नहीं थे, उन्होंने सीटी बजाई। विश्व नदी दिवस पर यमुना मैया के भक्तों ने कालिदी की व्यथा व जनप्रतिनिधियों की बेरुखी के प्रति रोष जताया।

यमुना मैया के भक्तों ने ताजमहल के डाउन स्ट्रीम में बैराज का निर्माण शुरू कराने की मांग की। यमुना में डिसिल्टिग व डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण हटाने, पूरे वर्ष नदी में जल प्रवाह की मांग की गई। रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक ब्रज खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली से आगरा तक यमुना में स्टीमर चलाने का वादा किया था, लेकिन अब इस पर कोई चर्चा नहीं होती है। उन्होंने मांग की कि यमुना बेसिन की सभी छोटी नदियों की सफाई व संरक्षण किया जाए। यमुना पर तीन नए बांध बनाए जाने का विरोध जताया गया। मथुराधीश मंदिर के महंत नंदन श्रोत्रिय, पं. जुगल किशोर, राहुल राज, दीपक राजपूत, शहतोष गौतम, चतुर्भुज तिवारी, पद्मिनी अय्यर, दिनेश शर्मा, डा. हरेंद्र गुप्ता, दीपक पालीवाल, जगन प्रसाद, सोनिया राजपूत, सत्यम, पं. कमलकांत शास्त्री, अभिदीप शर्मा आदि मौजूद रहे। 23 किमी की दौड़ से दिया यमुना संरक्षण का संदेश

ताजनगरी के प्रमोद कटारा ने रविवार को यमुना मैया के लिए 23 किमी की दौड़ लगाई। ताजमहल से शुरुआत कर पोइया घाट और वापस सर्किट हाउस तक दौड़ लगाकर उन्होंने यमुना के संरक्षण का संदेश दिया। यमुना आरती स्थल पर शाम को उन्हें सम्मानित किया गया।

Edited By: Jagran