आगरा, जागरण संवाददाता। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ओवर साइट कमेटी के सदस्य अनंत कुमार सिंह का कहना है कि कुबेरपुर स्थित लैंडफिल साइट में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट तेजी से लगवाया जाए। इससे वैज्ञानिक तरीके से कूड़े का निस्तारण किया जा सकेगा और शहर को भरपूर बिजली भी मिलेगी। स्पाक ब्रेसान कंपनी द्वारा 172 करोड़ रुपये से प्लांट स्थापित किया जाएगा। 800 टन कूड़े से हर दिन 15 मेगावाट बिजली तैयार होगी। उन्होंने कहा कि यमुना नदी में गिर रहे नालों की नियमित अंतराल में जांच होनी चाहिए। बायो मेडिकल वेस्ट को रोड पर फेंकने वाले अस्पताल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

एनजीटी ओवरसाइट कमेटी के सदस्य ने सोमवार को बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट का निरीक्षण किया। प्लांट को और भी बेहतर तरीके से चलाने पर जोर दिया। दोपहर बाद सर्किट हाउस में प्रदूषण संबंधी मामलों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की मानीटरिग ठीक से की जाए। अगर, प्लांट नहीं चलते हैं तो संबंधित एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाए। यमुना नदी में गिर रहे जिन नालों में बायो रेमिडिएशन तकनीक से गंदे पानी को शोधित किया जा रहा है, उनकी नियमित अंतराल में जांच की जाए। अगर, पानी शोधित होता हुआ नहीं मिलता है तो कार्रवाई की जाए। सीएमओ को आदेश दिया कि बायो मेडिकल वेस्ट का ठीक तरीके से निस्तारण कराया जाए। रोड या फिर गली में अगर कोई अस्पताल संचालक वेस्ट फेंकता है तो उसे चिन्हित कर कार्रवाई की जाए। अस्पतालों और नर्सिंग होम की जांच कराई जाए। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में स्थलों को चिन्हित कर पौधारोपण कराया जाए। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार होगी और स्वच्छ हवा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण शुद्ध करने के लिए जो कार्य किए जा रहे हैं, इनमें सभी अफसर अपनी-अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं। मंडलायुक्त अमित गुप्ता, सीडीओ ए. मनिकंडन, अपर नगरायुक्त सुरेंद्र प्रसाद, एडीए सचिव राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव, विश्वनाथ शर्मा आदि मौजूद रहे।

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