आगरा, जागरण संवाददाता। 2020 की बोर्ड परीक्षाएं इस बार नए कलेवर में हो रही हैं। सीबीएसई द्वारा कई बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों को लेकर अभी भी विद्यार्थियों में कंफ्यूजन है।

शनिवार से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, लेकिन शहर में 20 फरवरी से मुख्य विषयों की परीक्षाएं हैं। ताजनगरी में परीक्षा के लिए 27 केंद्र बनाए गए हैं। कुल 25370 परीक्षार्थी हैं, जिसमें से 14260 दसवीं के हैं और 11370 12वीं की परीक्षा देंगे। जो बदलाव हुए हैैं उनको परीक्षार्थी एक बार फिर देख लें जिससे उन्हें कोई परेशानी न हो।

बदलावों की लिस्ट

- सीबीएसई 2020 से 12वीं बोर्ड के प्रेक्टिकल होम सेंटर पर नहीं कराएगा। - 12वीं के विद्यार्थियों के लिए प्रेक्टिकल परीक्षा से पहले फोटो वाले एडमिट कार्ड भी जारी किए जाएंगे।

- फ्लाइंग परीक्षार्थियों पर बोर्ड की पैनी नजर रहेगी। 2018 में 11वीं में नामांकन लेने वाले विद्यार्थी 2020 में 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। अगर ये छात्र 2020 के प्रैक्टिकल में शामिल नहीं होंगे तो उन्हें परीक्षा नहीं देने दी जाएगी।

- 10वीं और 12वीं के सभी विषयों की परीक्षा 80 अंकों की होगी। 20 नंबर स्कूल की तरफ से शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर दिए जाएंगे। 20 अंकों के इस इंटरनल असेसमेंट में पीरियोडिक असेसमेंट 10 नंबर का, पोर्टफोलियो पांच नंबर का, सब्जेक्ट एनरिचमेंट एक्टिविटीज पांच नंबर का होगा।

- 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा में 80 अंक थ्योरी के होंंगे तो 20 अंक स्कूल में पूरे साल विद्यार्थी द्वारा बोली और सुनी जाने वाली अंग्रेजी के होंगे।

- हाईस्कूल में 10 नंबर के प्रश्न एप्लीकेशन पर आधारित पूछे जाएंगे। - दूसरे केंद्रों पर परीक्षक भी विद्यार्थियों के अपने स्कूल के नहीं होंगे।

- सीबीएसई दसवीं के छात्रों के लिए स्टेंडर्ड और बेसिक गणित में से कोई एक लेने का विकल्प दिया गया है।

- सभी विषयों में वस्तुनिष्ठ प्रश्न अब छह तरह से पूछे जाएंगे।

- परीक्षार्थी डिजिटल घड़ी पहन कर परीक्षा नहीं दे सकेंगे।

- सीबीएसई ने परीक्षा में बैठने के लिए 75 फीसद हाजिरी जरूरी कर दी हैं।

- दसवीं में अलग- अलग विषयों के अनुसार 80, 70 और 50 अंकों की परीक्षा होगी। साथ ही प्रेक्टिकल की परीक्षा भी क्रमश: 20, 30 और 50 अंकों की होगी।

- दसवीं के पासिंग क्राइटेरिया को 12वीं से अलग रखा गया है। स्टूडेंट्स को पास होने के लिए थ्योरी और प्रेक्टिकल दोनों ही परीक्षाओं में 100 में से 33 फीसद अंक प्राप्त करने होंगे। थ्योरी और प्रेक्टिकल के अंक अलग-अलग नहीं जोड़े जा रहे हैं।

- दसवीं की तीन घंटे की परीक्षा होगी। हिंदी, अग्रेंजी, उर्दू, संस्कृत, स्पेनिश, पंजाबी, बंगाली, गुजराती आदि विषय शामिल हैं। इन विषयों में कुल मिलाकर स्टूडेंट्स को 33 फीसद अंक हासिल करने होंगे। इनमें साइंस, सोशलसाइंस, गणित स्टैैंडर्ड और गणित बेसिक जैसे विषय भी शामिल हैं। इन विषयों में थ्योरी की परीक्षा 80 अंकों की होगी और इंटरनल असेस्टमेंट 20 अंकों का होगा।

- 12वीं में पास होने के लिए 70 अंक वाले विषयों की परीक्षा में 23 अंक प्राप्त करने होंगे। 80 अंक वाले विषयों की परीक्षा में न्यूनतम 26 अंकों की आवश्यकता पड़ेगी। 20 नंबर की प्रेक्टिकल परीक्षा में न्यूनतम छह अंक प्राप्त करने होंगे।

- रेगुलर के साथ ही अब प्राइवेट विद्यार्थियों को भी यूनीफॉर्म में ही पहनना होगा।

- सुबह नौ बजे से परीक्षार्थियों के लिए स्कूल के गेट खोले जाएंगे। 10 बजे बंद हो जाएंगे गेट।

- परीक्षार्थी 9:45 बजे तक कक्ष में पहुंचने की कोशिश करें। सुबह 10 बजे परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका मिल जाएगी। 10.15 बजे पर परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र मिल जाएगा। 15 मिनट का समय परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र पढऩे के लिए दिया जाएगा। 10.30 बजे परीक्षा शुरू हो जाएगी।

- परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड पर परिजनों के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं।

- एक कमरे में केवल 24 परीक्षार्थी ही होंगे। दो निरीक्षकों की ड्यूटी होगी।

- परीक्षा केंद्र के गेट और कक्ष में एडमिट कार्ड का फोटो से मिलान होगा।

- इस साल रोल नंबर आठ अंकों के है जबकि ओएमआर में सात गोले ही बने होंगे। परीक्षार्थियों को एक गोला प्री-फिक्स के तौर पर जोडऩा होगा।

- एक परीक्षक एक दिन में 20 उत्तर पुस्तिकों की जांच करेगा। पहले दिन एक ही कॉपी का सभी परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। कम-सामान्य-ज्यादा अंक देने वाले परीक्षकों में एकरूपता के निर्देश दिए जाएंगे। एक बंडल कॉपी देखने के बाद दो परीक्षक आपस में अपना बंडल बदलेंगे और दोबारा कापियों का मूल्यांकन करेंगे।

- मूल्यांकन में एक नोडल इंचार्ज होंगे। इनके अंतर्गत हेड एग्जामिनर होंगे। एक हेड एग्जामिनर के अंतर्गत चार असिस्टेंट हेड एग्जामिनर (एएचई) रहेंगे। इनमें तीन एएचई और एक एएचई कोआर्डिनेटर होंगे। एक एएचई के अंतर्गत चार परीक्षक रहेंगे। 100 कापियों का मूल्यांकन पूरा होने पर उनके अंक ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद भी परीक्षक से गलती होती है तो 50 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।

- परीक्षाएं इंग्लिश इलेक्टिव व कोर और ङ्क्षहदू इलेक्टिव व कोर पेपर होते हैं। दो विषयों के पेपर परीक्षा में एक ही दिन हैं। परीक्षार्थी ध्यान रखें कि उन्हें कौन सा पेपर मिला है। इसमें गड़बड़ी होने पर बाद में रिजल्ट पर असर पड़ेगा और सुधार की गुंजाइश भी नहीं रहेगी।

- उत्तर लिखने के लिए केवल नीले पैन का ही इस्तेमाल करना है।

- अब परीक्षा केंद्र अधीक्षक और नोडल प्रभारी को बोर्ड परीक्षा में पेपर खोलने से लेकर सील करते समय जीपीएस लोकेशन देनी होगी, इसके अलावा टाइमिंग के साथ इमेज भी एप पर अपलोड करनी होगी। समय पर पेपर पहुंचने से लेकर सील करने की जिम्मेदारी इस एप के माध्यम से तय की जाएगी।

अंक तय नहीं करते आपका भविष्य- अनिता कर्णवाल

बोर्ड परीक्षा में अंकों के पीछे दौडऩे वाले परीक्षार्थियों के लिए सीबीएसई चेयरपर्सन अनिता कर्णवाल ने पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि आप 21वीं सदी के बच्चे हैं, भविष्य में आप जहां भी नौकरी करेंगे वहां आपके अंक नहीं आपकी मेहनत देखी जाएगी। सीबीएसई चेयरपर्सन ने बच्चों से कहा है कि परीक्षा भी ऐसे ही सैकड़ों उपलब्धियों की सूची में एक नाम है। यह उतना बड़ा हौवा नहीं है जितना इसे बनाया जाता है।

हो चुकी है सारी तैयारी

बोर्ड द्वारा इस साल कई बदलाव किए गए हैं। इनकी जानकारी समय-समय पर अपडेट की गई है। बोर्ड परीक्षाओं के लिए हम तैयार हैं।

- रामानंद चौहान, सीबीएसई को आर्डीनेटर 

Posted By: Tanu Gupta

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