आगरा,जागरण संवाददाता। शुक्रवार को गणेश चतुर्थी है। गौरीनंदन घर-घर विराजेंगे। उनके आगमन की शहरभर में तैयारियां चल रही हैं। कहीं पंडाल सज रहे हैं तो कहीं मंदिर। घरों में भी गजानन के आगमन की तैयारी है। गुरुवार शाम को गणेशजी की प्रतिमाओं की खरीदारी में श्रद्धालु जुटे रहे। हालांकि, जिला प्रशासन ने गणेश चतुर्थी पर गोकुलपुरा स्थित सिद्धि विनायक मंदिर से निकलने वाली शोभायात्रा को अनुमति नहीं दी है।

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेशजी का जन्म हुआ था। तब भगवान शिव ने कैलाश पर्वत पर उनके जन्मोत्सव को मनाने का निर्णय लिया था। सिदूर दैत्य पर गणेशजी ने इसी तिथि को विजय प्राप्त की थी। इसलिए भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर श्रीगणेश का पूजन किया जाता है। चंद्र दर्शन नहीं करते

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चंद्र दर्शन निषेध माना जाता है। सिद्धि विनायक मंदिर, गोकुलपुरा के महंत पं. ज्ञानेश शास्त्री ने बताया कि जब मन असंयमित होता है तो किसी भी आध्यात्मिक साधना में प्रगति नहीं हो पाती है। इसलिए इस दिन चंद्र दर्शन नहीं किया जाए और मन पर विजय प्राप्त करने का प्रयत्न किया जाए या मौन अवस्था की ओर लाया जाए तो लक्ष्य की प्राप्ति में सुविधा होगी। शुभ महूर्त

गणेश जी की स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 7:30 से 10:30 बजे तक और दोपहर 12 से 1:30 बजे तक है। सिद्धि विनायक मंदिर में सजेंगे 56 भोग

गोकुलपुरा में गणेशजी का एकमात्र ऐतिहासिक सिद्धि विनायक मंदिर है। इसकी स्थापना मुगल काल में वर्ष 1646 में हुई थी। गुजराती नागर और मराठा परिवारों की आस्था का केंद्र रहे मंदिर का जीर्णाेद्धार महादजी सिधिया ने वर्ष 1760 में कराया था। उन्होंने मंदिर की देखभाल व नियमित खर्च को प्रतिदिन आठ आना की सनद मराठा शासन के नाम जारी की थी। पुजारी पं. ज्ञानेश शास्त्री बताते हैं कि गणेश चतुर्थी के दिन मंदिर से गणेश जी की शोभायात्रा की शुरुआत महादजी सिधिया ने कराई थी। वर्ष 1860 तक निरंतर शोभायात्रा जारी रही। एक हमले में यह बंद हो गई। देश की आजादी के बाद वर्ष 1959 से यात्रा की दोबारा शुरुआत हुई। 2019 तक हर वर्ष शोभायात्रा निकाली गई। वर्ष 2020 में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते यात्रा नहीं निकाली जा सकी थी। इस बार भी शोभायात्रा की अनुमति नहीं मिली है। मंदिर में प्रतीकात्मक रूप से कार्यक्रम होगा। शाम को मंदिर में फूलबंगला और 56 भोग सजेंगे। नेहरू नगर में सजेगा फूलबंगला

नेहरू नगर स्थित सर्वसिद्धि विनायक मंदिर में 10 दिवसीय गणेशोत्सव का आयोजन होगा। शुक्रवार को फूलबंगला और छप्पन भोग सजेंगे। प्रतिदिन फूलबंगला सजाया जाएगा। पंडाल और मूर्ति का साइज हो गया कम

कमला नगर बल्केश्वर के राजा का पंडाल और उसमें लगने वाली मूर्ति इस बार छोटी हो गई है। राजा शर्मा ने बताया कि तीन फुट ऊंची गणेशजी की ईको फ्रेंडली मूर्ति बनवाई गई है। यहां कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते जारी सरकारी गाइडलाइन का पालन करते हुए श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा।

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