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Ganesh Chaturthi 2026: 25 फीट ऊंचे और 6.7 टन वजनी गणपति विराजे, चर्चा में आगरा की अनोखी मूर्ति

Published: Mon, 14 Sep 2026 01:11 PM (IST)Updated: Mon, 14 Sep 2026 01:21 PM (IST)

Ganesh Chaturthi 2026: आगरा में 'गणपति बप्पा मोरया' के जयघोष के साथ गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है, जिसमें कमला ...और पढ़ें

कमला नगर के गणपति।

कमला नगर के गणपति।

HighLights

  1. कमला नगर में 25 फीट ऊंचे, 6.7 टन वजनी गणपति स्थापित।

  2. गणेशोत्सव 11 दिनों तक चलेगा, प्रतिदिन तीन बार आरती होगी।

  3. शुभ मुहूर्त में हुई स्थापना, दुर्वा और मोदक से पूजन किया गया।

जागरण संवाददाता, आगरा। गणपति बप्पा मोरया... के जयघोष के साथ आगरा में सोमवार से गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई। किसी ने अपने घर के लिए आकर्षक गणपति लिए तो किसी ने प्रतिष्ठान और पंडालों में स्थापना के लिए मूर्ति ली हैं। सोमवार को विधि-विधान के साथ घरों और प्रतिष्ठानों में गणपति विराजमान हुए। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना के लिए सुबह 10 बजकर 59 मिनट से दोपहर एक बजकर 27 मिनट तक का मुहूर्त शुभ रहा। आगरा में इस बार भी कमला नगर के गणपति चर्चा में हैं।

इस अवधि में स्थापना का विशेष महत्व

ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रेश कौशिक ने बताया कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में माना गया है, इसलिए इसी अवधि में स्थापना और पूजन का विशेष महत्व है। चतुर्थी तिथि सोमवार सुबह सात बजेकर छह मिनट से शुरू होकर मंगलवार सुबह सात बजकर 44 मिनट तक रहेगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार घर में गणेश जी की बैठी मुद्रा की प्रतिमा और दुकान या कार्यालय में खड़ी मुद्रा की मिट्टी की मूर्ति स्थापित करना शुभ माना जाता है।

ganesh pratima small

घर में बाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणपति की स्थापना को भी शुभ माना गया है। गणेश प्रतिमा की स्थापना पूर्व-उत्तर दिशा में करने की मान्यता है। प्रतिमा का मुख सीधे मुख्य द्वार की ओर न रखने की सलाह दी जाती है।

चंद्र दर्शन से बचने की मान्यता

गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन को धार्मिक रूप से वर्जित माना गया है। ज्योतिषाचार्य यशोवर्धन पाठक के अनुसार सोमवार को सुबह आठ बजेकर 55 मिनट से रात आठ बजेकर आठ मिनट तक चंद्र दर्शन से बचने की मान्यता है। मान्यता है कि इस अवधि में चंद्रमा के दर्शन से मिथ्या कलंक का दोष लग सकता है।

कमला नगर में विराजे 25 फीट ऊंचे और 6.7 टन वजनी गणपति

कमला नगर-बल्केश्वर में गणेश चौक स्थित पंडाल में पोला भाई ग्रुप की ओर से 19वें गणेश महोत्सव के लिए 25 फीट ऊंचे और करीब 6.7 टन वजनी गणपति की मूर्ति को पंडाल में विराजमान कराया गया। आयोजक पोला भाई ने बताया कि प्रतिमा को कोलकाता और नासिक के कारीगरों ने करीब दो महीने की मेहनत से तैयार किया है।

11 दिन तक प्रतिदिन तीन बार आरती

समिति उपाध्यक्ष और मीडिया प्रभारी राजा शर्मा ने बताया कि गणेश महोत्सव के दौरान 11 दिन तक प्रतिदिन तीन बार आरती होगी। पार्षद प्रदीप अग्रवाल, मुरारी लाल गोयल, पंकज अग्रवाल, पारुल अग्रवाल, कंचन पवन बंसल, पूजा गिर्राज बंसल, हरिओम बाबा मौजूद रहे।

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दुर्वा और मोदक से पूजन

गणेश पूजन में पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली, चंदन और मोदक अर्पित किए जाएंगे। गणेश जी को दुर्वा चढ़ाने की परंपरा है, जबकि तुलसी दल अर्पित नहीं किया जाता। धार्मिक विधान के अनुसार 21 मोदक का भोग लगाने और ॐ श्री गं गणपतये नम: मंत्र का 108 बार जाप करने का भी महत्व बताया गया है।

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