आगरा, जागरण संवाददाता। ताजनगरी के पर्यटन में एक और रोमांच जुडऩे जा रहा है। पर्यटक अगले पर्यटन सीजन से हेलीकॉप्टर से 'आगरा दर्शन' कर सकेंगे। न सिर्फ मुगलिया शहर बल्कि ताजमहल, आगरा किला सहित दूसरे स्मारक भी आसमान से निहार सकेंगे। इसके लिए तैयारियां अंतिम पड़ाव में हैं।

इनर रिंग रोड और आगरा-लखनऊ एक्सव्रेसवे के बीच में हेलीपोर्ट विकसित किया जा रहा है। लगभग पांच एकड़ क्षेत्रफल में इसे मूर्त रूप दिया जा रहा है। 4.95 करोड़ रुपये लागत वाली इस योजना का 70 फीसदी से अधिक काम हो गया है। यात्री विश्राम गृह, टिकटघर सहित बाउंड्री निर्माण, हेलीपैड, मिट्टी का भराव आदि काम पूरे हो चुके हैं। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड द्वारा इसे तैयार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने योजना के लिए जगह उपलब्ध कराई है।

पीएम ने किया था योजना का शिलान्यास

शहर को सिविल एन्क्लेव की सौगात भले न मिल सकी हो लेकिन हेलीकॉप्टर से 'आगरा दर्शन' योजना का पूरी होने को है। पिछले साल नौ जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोठी मीना बाजार मैदान पर जिन सात योजनाओं का शिलान्यास किया था, उनमें एक योजना हेलीपोर्ट निर्माण योजना भी थी।

200 वर्ग गज जमीन का विवाद भी सुलझा

निर्माण स्थल पर 200 वर्ग गज जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। अब वह भी सुलझ गया है। यूपीडा ने किसान को जमीन के बदले जमीन देने के लिए तैयार कर लिया गया है।

ग्रामीणों की धड़कन बढ़ी

हेलीपोर्ट के निर्माण से पर्यटन जगत जहां उत्साहित है वहीं, निर्माण स्थल मदरा गांव के लोगों की धड़कन बढ़ी हुई है। दरअसल, कार्यदायी संस्था से जुड़े लोगों ने उन्हें मौखिक रूप से मकानों की नई मंजिल का निर्माण न करने की हिदायत दी है। साथ ही छत पर जो पानी की टंकियां रखी हुई हैं, उन्हें भी उतार लेने को कहा है। ताकि हेलीकॉप्टर की उड़ान में यह अड़चन न बनें। इससे ग्रामीण परेशान हैं।

अप्रैल में पूरा हो जाएगा कार्य

योजना के प्रभारी व पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता सादाब खान का कहना है कि योजना का 70 फीसदी से अधिक काम हो चुका है। 30 फीसदी काम अप्रैल के मध्य तक पूरा हो जाएगा।

पर्यटन जगत में होगी एक नई शुरुआत

होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान का कहना है कि हेलीकॉप्टर से 'आगरा दर्शनÓ से ताजनगरी के पर्यटन को काफी लाभ मिलेगा। पर्यटकों के लिए एक नया रोमांच होगा।

किसानों का रखा जाएगा ध्यान

मदरा निवासी सोमवीर यादव का कहना है कि योजना के मूर्त रूप से ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उनके निर्माणों पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए।

फैक्‍ट फाइल

- 05 एकड़ में विकसित हो रहा हेलीपोर्ट

- 01 हेलीपैड बनाया जा रहा है

- 02 हैंगर होंगे हेलीकॉप्टरों को खड़ा करने के लिए

- 4.95 करोड़ रुपये की है योजना

- 30 फीसदी काम ही रह गया है शेष 

Edited By: Prateek Gupta