आगरा, जागरण संवाददाता। अयोध्या पर आया फैसला साक्ष्यों पर नहीं विश्वास पर दिया गया है। मुस्लिम इससे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। रिव्यू करने की बात हो रही है, लेकिन मेरा मानना है कि देश में शांति, भाईचारे के लिए मुस्लिमों को रिव्यू फाइल नहीं करना चाहिए। हिंदूू भाइयों को भी काशी और मथुरा पर उदारता दिखानी चाहिए।

आगरा आए उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल और उत्तर प्रदेश के पूर्व कार्यवाहक राज्यपाल अजीज कुरैशी ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता में यह बात कही। महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार को उन्होंने नया सबेरा बताया। उन्होंने कहा कि रात में राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाया जाना ठीक नहीं था। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर उन्होंने कहा कि यह फैसला तो सही था, लेकिन तरीका गलत था। पूर्व राज्यपाल ने कहा कि उप्र सरकार कुरैशी बिरादरी के साथ अन्याय कर रही है। सपा नेता आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर स्वयं पर लगे आरोपों पर कहा कि वह आरोपों से डरने वाले नहीं हैं।

छह दिसंबर को नही मनाऐंगे काला दिवस

अयोध्या मामले में सुप्रीमकोर्ट के निर्णय के बाद शहर में शांति है। सोमवार को मुस्लिम संगठन के सदस्यों ने छह दिसंबर को काला दिवस के रूप में न मनाने का संकल्प लिया है। संगठन के पदाधिकारी इस बाबत पुलिस क्षेत्रधिकारी छत्ता, उदयराज सिंह से मिले।

 

Posted By: Tanu Gupta

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