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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आगरा में दो संप्रदायों में पथराव के बाद फोर्स तैनात

By amal chowdhuryEdited By:
Published: Mon, 18 Sep 2017 11:34 AM (IST)

शहर में उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी के समय दोनों संप्रदाय में टकराव की जानकारी पर डीएम और एसएसपी फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

आगरा में दो संप्रदायों में पथराव के बाद फोर्स तैनात
आगरा में दो संप्रदायों में पथराव के बाद फोर्स तैनात

आगरा (जागरण संवाददाता)। आगरा के मंटोला में रविवार रात पुराने विवाद को लेकर दो संप्रदायों में संघर्ष हो गया। पुलिस की मौजूदगी में आधा घंटे तक पथराव और बोतल फेंकने से अफरातफरी मच गई और दहशत फैल गई। सड़क पर खड़े कई वाहनों के शीशे टूट गए।

शहर में उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी के समय दोनों संप्रदाय में टकराव की जानकारी पर डीएम और एसएसपी फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। तनाव के चलते बस्ती में पीएसी तैनात कर दी है। दोनों पक्षों के दस लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

मंटोला के ढोलीखार निवासी नासिर और कंगालपाड़ा के धीरज में रुपयों के लेनदेन का विवाद है। कुछ दिन पहले दोनों में झगड़ा हो गया था। रविवार रात दस बजे धीरज साथी के साथ जा रहा था। पुलिस चौकी के पास नासिर ने दोनों को रोक लिया और धीरज से मारपीट कर दी। उसका साथी वहां से भाग निकला। उसने बस्ती में घटना की जानकारी दी, तो लोग उसे बचाने दौड़ पड़े।

इसके बाद दोनों संप्रदाय के लोग आमने-सामने आ गए और पथराव शुरू हो गया। आसपास के होटलों के बाहर रखी कोल्ड डिंक की बोतलें फेंकी गईं। चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी पहुंचे, लेकिन पथराव इतना जबरदस्त था कि वह काबू करने में नाकाम रहे।

करीब आधा घंटे तक दोनों ओर से जमकर पथराव होता रहा। इस दौरान सड़क पर खड़े कई वाहनों के शीशे टूट गए। जानकारी पर डीएम गौरव दयाल, एसएसपी दिनेश चंद्र दूबे समेत अन्य अधिकारी वहां पहुंचे, तब तक पथराव करते लोग भाग गए थे। एसएसपी के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सतर्कता के चलते मौके पर पीएसी तैनात कर दी है।

लूट की आशंका से कारखाने बंद: जिस गली में पथराव हुआ, वहां कई जूता कारखाना भी हैं। पथराव के दौरान कुछ अराजक तत्वों ने कारखानों को निशाना बनाने का प्रयास किया। लूटपाट की आशंका पर जूता कारखानों में काम करने वाले मजदूरों ने अंदर से गेट बंद कर लिया। मालिकों ने सतर्कता के चलते बाहर से ताले लगा दिए।

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ट्रकों को यमुना किनारे पर रोका: मंटोला के जूता कारखानों में दो दिन से तैयार माल बाहर भेजने को डंप किया जा रहा है। इसे छोटे वाहनों में लादकर यमुना किनारे खड़े ट्रकों में लोड करना था। पथराव की सूचना पर माल लेने आए लोडिंग टेंपो समेत अन्य वाहन चालकों ने आने से मना कर दिया।

मजदूर जान बचाकर भागे: कई जूता कारखाना मालिकों ने माल लोड करने के लिए मजदूरों को बुलाया था। पथराव होते ही मजदूर माल सड़क पर छोड़कर भाग गए। जिसे किसी तरह कारखानों में काम करने वालों ने दोबारा अंदर रखा।

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