आगरा, जेएनएन। वृंदावन के गौरानगर कॉलोनी में रविवार सुबह शॉर्टसर्किट से मकान में आग लग गई। मकान की दूसरी मंजिल पर परिवार के दस लोग फंस गए। आग की लपटों में मकान घिरा तो चीख-पुकार मच गई। पड़ो़सियों की सूचना पर पहुंची दमकल ने घंटो मशक्कत करनी पड़ी। आग की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई,जबकि नौ अन्य झुलस गए। इनमें दो महिलाओं की हालत गंभीर है।

कोतवाली क्षेत्र के गौरानगर कॉलोनी जगदीश सैनी मूर्तिवाले का कैला देवी मंदिर है, इसकी दूसरी मंजिल पर उनके तीन बेटे परिवार समेत रहते हैं। मकान में सुबह साढ़े तीन बजे बिजली के शॉर्टसर्किट से आग लग गई। जब हादसा हुआ, उस वक्त परिवार के लोग गहरी नींद में थे। करीब एक घंटे बाद मकान में धुआं भरा, तो स्वजनों का दम घुटने लगा। सो रहे कुछ बच्चे बेहोश हो गए। जगदीश के बेटे सोनू और कन्हैया की धुएं में आंख खुली तो आग की लपटें देख चीखने लगे। कमरे का दरवाजा खोला, लेकिन तब तक आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया था। चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य लोग भी खुद को बचाने के लिए दौडऩे लगे। पास पड़ोसी मदद को दौड़े, तो मकान के नीचे रहने वाले परिवार ने दरवाजा खोला। सीढ़ी से लोग ऊपर चढ़े और लपटों के बीच बच्चों को बाहर निकाला। उधर, बच्चों को बचाने में सोनू की पत्नी रेखा (30), बेटे की पत्नी बेटे हनुमान की पत्नी ङ्क्षपकी (20) और कन्हैया की पत्नी ज्योति (21) गंभीर रूप से झुलस गईं। इसके अलावा कन्हैया और उनके बच्चों में मोहिनी, देव, वंशिका, खुशी, विशाल भी झुलस गए। पड़ोसियों की सूचना पर करीब 5 बजे दमकल पहुंची, तब तक बच्चों को बाहर निकाला जा चुका था। किसी तरह आग पर काबू पाया गया। बच्चों को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, तो ङ्क्षपकी, ज्योति और रेखा को नयति हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। जहां रेखा की मौत हो गई, जबकि ङ्क्षपकी और ज्योति की हालत गंभीर है।

 

Posted By: Tanu Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस