आगरा, जागरण संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की नाराजगी के बाद भी शहर में कूड़ा जलने की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही। सोमवार दोपहर सुल्तानगंज की पुलिया, पचकुइयां चौराहे के पास और अन्य क्षेत्रों में कूड़ा जलता रहा। संबंधित क्षेत्रों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

शहर में हर दिन साढ़े सात सौ मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है जिसमें डेढ़ मीट्रिक टन कूड़ा जलाया जाता है। सोमवार दोपहर तीन बजे सुल्तानगंज की पुलिया के समीप जंगल में कूड़ा जल रहा था। कूड़े से निकलने वाले धुएं से लोगों को दिक्कत हो रही थी। कूड़ा जलने की शिकायत नगर निगम के अफसरों से की गई। कूड़े में लगी आग को बुझाने के लिए दमकल नहीं पहुंची। वहीं पचकुइयां चौराहे के समीप भी तीन घंटे तक कूड़े के ढेर में आग लगी रही, जिसे बुझाने का कोई प्रयास नहीं किया गया। यह हाल तब है जब नगर निगम और उप्र राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के अफसरों को हर माह बैठकों में सख्त कार्रवाई के आदेश दिए जाते हैं।

डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के अनुबंध को लेकर रार

- लापरवाही पर स्पष्ट कार्रवाई के नहीं हैं बिंदु, पार्षदों ने नगरायुक्त को दिया ज्ञापन

जासं, आगरा : डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के अनुबंध में भी खेल हुआ है। अनुबंध की कई शर्ते स्पष्ट नहीं हैं। जिसका फायदा कंपनियों को मिल रहा है। इसकी शिकायत नगरायुक्त अरुण प्रकाश से की गई है।

आगरा शहर में ताजमहल के आसपास बीवीजी सफाई कर रही है। पार्षद रवि माथुर ने बताया कि अनुबंध की शर्त के अनुसार हर माह 90 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा। अगर सफाई सही नहीं मिलती है तो पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा, जबकि शर्त को और भी सख्त बनाया जाना चाहिए। यह वजह है कि कंपनी को 85 हजार रुपये के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। पिछले दिनों एक करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। पार्षद राकेश जैन ने बताया कि कंपनियां ठीक तरीके से सफाई नहीं कर रही हैं। सदन में यह मामला उठाया गया था जिसके बाद जांच चल रही है। उधर, अपर नगरायुक्त विनोद कुमार ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं।

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