आगरा, जागरण संवाददाता। दिल्ली में चल रहे आंदोलन के समर्थन में ताजनगरी के किसान उग्र होते जा रहे हैं। उन्होंने एलान किया है कि सात दिन में यदि कृषि कानून वापस नहीं लिए तो जिले की हर तहसील पर प्रदर्शन होगा। तहसीलों का घेराव कर कृषि आंदोलन और दिल्ली में किसानों पर लगे मुकदमे वापस लेने की आवाज बुलंद की जाएगी।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रभारी रविंद्र सिंह ने कहा कि सात दिन में यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो हर तहसील पर प्रदर्शन होगा। इसके बाद किसान जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे। श्याम सिंह चाहर ने कहा कि सरकार के दबाव में किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। केंद्र सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। उनकी आवाज को दबाना चाहती है। वहीं, किरावली क्षेत्र में हुई पंचायत में आम आदमी पार्टी के कार्यकारी जिलाध्यक्ष बने सिंह पहलवान ने कहा कि सरकार किसानों के आंदोलन को जबरन खत्म कराना चाहती है। पुलिस-प्रशासन के माध्यम से किसानों को डराया-धमकाया जा रहा है।

वहीं, कुछ किसानों ने इन मांगों के संबंध में राष्ट्रपति के नाम अपने खून से खत लिखा है। कहा है कि ये तीनों कानून किसानों के हित में नहीं हैं। सरकार को इन्हें हर हाल में वापस लेना होगा। उन्होंने इस खत को डाक द्वारा राष्ट्रपति को भेजा है। उनसे मांग की है कि वह किसानों के हित में इन कानूनों को वापस कराने की पहल करें।

 

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