आगरा, जेएनएन। जरा सोचिए, क्‍या रही होगी उस इंसान की मजबूरी। त्‍योहार सिर पर है और मनाने के लिए जेब में फूटी कौड़ी भी नहीं। उस पर कर्ज का बोझ अलग चढ़ा हुआ। ब्‍याज का मीटर अलग चल रहा था। पूरे गांव में जहां त्‍योहार की खुशियों का आलम छाया हुआ था, वहीं हर तरफ से निराश-हताश किसान ने रोशनियों के बीच अपनी जिंदगी में हमेशा के लिए अंधेरा कर लिया।

दीपावली जैसे खुशियों के त्‍योहार पर मैनपुरी के औंछा थाना क्षेत्र के ग्राम नगला पीपल के एक घर में मातम छाया हुआ है। घर के अंदर से महिलाओं के रोने की आवाज आ रही है और बाहर जमा पुरुषों के बीच धीमी जुबान में चर्चा है कि बहुत बुरा हुआ। काश पहले पता होता तो कुछ मदद कर पाते। यह घर है विस्वार सिंह उर्फ साधू का। पेशे से किसान साधू के नाम दो बीघा खेत था। धान की फसल करने के लिये 11 बीघा खेत अधबटाई पर लिया था। जिसमें उन्हें काफी घाटा हुआ था। किसान पर करीब 40 हजार रुपये का कर्जा भी हो गया था, इससे वह काफी परेशान थे। गुरुवार देर रात उन्होंने घर में रखे कीटनाशक का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उनको जिला अस्पताल लेकर गए, वहां से सैफई रैफर कर दिया गया। सैफई में उनकी मौत हो गई। 

Posted By: Prateek Gupta

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