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दिल्ली से 150 KM दूर ये जगह करें एक्सप्लोर, नेचर की खूबसूरती में भूल जाएंगे सारी टेंशन

By Abhishek SaxenaEdited By: Abhishek Saxena
Published: Sun, 27 Sep 2026 03:57 PM (IST)Updated: Sun, 27 Sep 2026 04:03 PM (IST)

अलीगढ़ का शेखा पक्षी विहार अब ताले और तालीम के साथ एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में उभरा है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. शेखा पक्षी विहार अलीगढ़ में 60 हेक्टेयर में फैला है।

  2. अक्टूबर से फरवरी तक हजारों प्रवासी पक्षी यहां आते हैं।

  3. भारतीयों के लिए प्रवेश शुल्क 30 रुपये, विदेशियों के लिए 350 रुपये।

डिजिटल डेस्क, आगरा। अलीगढ़ अब ताले और तालीम के लिए ही मशहूर नहीं है, शेखा पक्षी विहार अंतरराष्ट्रीय नक्शे पर चमक उठा है। अगर आप भी नेचर लवर हैं और चिड़ियों की चहचहाट अच्छी लगती है तो आइये दिल्ली से मात्र 150 किलोमीटर दूर एक्सप्लोर कीजिए ये साइट। आने वाले दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या में खासी बढ़ोत्तरी होने वाली है। सर्दियों के मौसम में यहां आने का मजा दो गुना हो जाता है। आइये जानते हैं अलीगढ़ की शेखा झील के बारे में...

60 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली शेखा झील

अलीगढ़ मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर पनैठी-जलाली मार्ग पर शेखा झील है। पनैठी-गंगीरी मार्ग पर शेखा गांव में स्थित करीब 60 हेक्टेयर क्षेत्र में शेखा झील फैली है। वर्ष 1852 में ये झील अस्तित्व में आई थी जब अपर गंग नहर का निर्माण हुआ। बताया गया है कि कभी मुगल काल में कस्बा जलाली के निकट शेखा गांव में निजामुद्दीन शेख की शिकारगाह हुआ करती थी। वह अपने प्रतिनिधियों के साथ यहां शिकार के लिए आया करते थे।

aligarh shekha jheel

अलीगढ़ से 17 किलोमीटर दूर शेखाझील

1852 में अस्तित्व में आई जब यहां अपर गंग नहर का निर्माण हुआ। 1977 में पक्षी विज्ञानी डॉक्टर सालिम अली अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में आए तो इस झील की पहचान कराई। यहां ज्यादातर पानी बरसात में मिलता है। इसके साथ ही गंग नहर से भी कई वर्षों से पानी आ रहा है। अब इसका करीब तीन हेक्टेयर क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा। साथ ही इसे गहरा भी किया जाएगा।

प्रवासी पक्षियों का ठिकाना

शेखा झील वर्षों से प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना रही है। यहां पर हर साल अक्टूबर से फरवरी महीने के बीच साइबेरिया, मध्य एशिया सहित कई देशों से हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं। इसे वर्ष 2016 में पक्षी विहार घोषित किया गया था। झील में डार्टर, ग्रे हेरोन, पर्पल हेरोन, ग्रेट कार्मोरेंट, काम्ब डक, ब्लैक-हेडेड आइबिस, ओपनबिल स्टार्क, स्पाट-बिल्ड डक, ब्लैक-नेक्ड स्टार्क, कॉमन टील व शोवलर सहित अनेक दुर्लभ एवं प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी इसे पक्षी प्रेमियों के लिए खास बनाती है।

पर्यटकों के लिए सुविधाएं

पर्यटकों के लिए कैफे, विश्राम स्थल, व्यू प्वाइंट, पार्किंग व अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध है। केवल घास-फूंस व लकड़ी का प्रयोग करके ही ईको टूरिज्म प्वाइंट विकसित करने की प्लानिंग है।

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घूमने का सही समय है अक्टूबर

नेचर लवर हैं और घूमने का शौक रखते हैं तो एक बार ये जगह जरूर एक्सप्लोर करें। अब गुलाबी ठंडक का मौसम आने वाला है। सर्दियों में झील के खुलने का समय सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक है।
गर्मियों में सुबह 09 बजे से शाम पांच बजे तक है।

प्रवेश के लिए ये है टिकट दर

  • भारतीय नागरिक के लिए इसका प्रवेश शुल्क प्रति व्यक्ति 30 रुपए हैं।
  • विदेशी नागरिक के लिए 350 रुपये निर्धारित है।