आगरा, जागरण संवाददाता। अग्निवरी भर्ती रैली में फर्जी प्रमाण पत्रों का प्रयोग करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। आनंद इंजीनियरिंग कालेज में चल रही रैली में डेढ़ दर्जन युवाओं के प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले। हाईस्कूल की अंक तालिका और आधार कार्ड में अलग-अलग नाम लिखा हुआ था। यहां तक जन्म तिथि भी एक नहीं थी। सेना के अधिकारियों ने ऐसे युवाओं से पूछताछ की। अलग से सूची में नाम अंकित कर छोड़ दिया गया। रैली दस अक्टूबर तक चलेगी

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि रैली में युवाओं द्वारा जो भी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाते हैं। उनका मिलान किया जाता है। इस कार्य में पांच से 15 मिनट तक का समय लगता है। संदिग्ध प्रमाण पत्रों की अलग सूची तैयार की जाती है। ऐसे युवाओं से बातचीत की जाती है। लगातार सवाल पूछने पर युवा सच बता देते हैं। ऐसे युवाओं को रैली से बाहर कर दिया जाता है।

गिरोह का लगाया जा रहा है पता

आगरा की तरह मेरठ में भी कई युवा फर्जी प्रमाण पत्रों का प्रयोग करते हुए पाए गए हैं। प्रमाण पत्र युवाओं ने कहां से बनवाए। इसमें किस-किस गिरोह का हाथ है। सेना के अधिकारी इसकी जानकारी जुटा रहे हैं। जल्द ही इस बारे में स्थानीय पुलिस को भी बता दिया जाएगा। 

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100 से अधिक युवाओं के प्रमाण पत्र निकले थे फर्जी

सेना भर्ती कार्यालय द्वारा वर्ष 2021 में आनंद इंजीनियरिंग कालेज में सेना भर्ती रैली आयोजित की गई थी। इस रैली में छह जिलों के एक लाख युवा शामिल हुए थे। 100 से अधिक युवाओं के प्रमाण पत्र फर्जी निकले थे। इन युवाओं को रैली में शामिल नहीं होने दिया गया था।

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5536 युवाओं ने लिया भाग

आनंद इंजीनियरिंग कालेज में चल रही अग्निवरी भर्ती रैली में गुरुवार को मैनपुरी, किशनी और घिरोर के 7303 युवाओं ने पंजीकरण कराया था। इसमें 5536 युवाओं ने भाग लिया। रैली में 70 प्रतिशत युवा दौड़ में फेल हुए। वहीं शुक्रवार को एटा और जलेसर के युवाओं को मौका मिलेगा। 

Edited By: Abhishek Saxena

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