नई दिल्ली में पकड़ी गई नकली वैक्सीन का आगरा-कानपुर तक कनेक्शन, बिक्री पर लगी रोक, पुलिस कर रही जांच
नई दिल्ली में पकड़ी गई नकली एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) के मामले में कानपुर और आगरा का कनेक्शन सामने आया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
दिल्ली में पकड़ी नकली एंटी रेबीज वैक्सीन का खुलासा।
कानपुर की फर्म ने आगरा एजेंसी को जारी किए थे बिल।
जांच के बाद नकली वैक्सीन की बिक्री पर लगी रोक।
जागरण टीम, आगरा। नई दिल्ली के चांदनी चौक स्थित भगीरथ पैलेस में पकड़ी गई नकली एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की जांच में कानपुर के साथ ही आगरा का भी संबंध सामने आया है।
औषधि विभाग की जांच में कानपुर के बिरहाना रोड मेसर्स न्यू आरजे एजेंसीज के यहां अभयरैब वाले बैच की वैक्सीन के 592 वायल मिले थे, जिन्हें निर्माता कंपनी ह्यूमन बायोलाजिक्स ने इस बैच की वैक्सीन को नकली घोषित किया है।
कानपुर की फर्म ने आगरा की राधा मेडिकल एजेंसी के नाम से एक हजार एआरवी की बिक्री के बिल जारी किए गए थे। मगर, एआरवी की खेप नहीं भेजी। टीम ने जांच के बाद दो नमूने लेने के साथ ही खरीद बिक्री पर रोक लगा दी है।
यह है पूरा मामला
दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग के औषधि निरीक्षक रवि कुमार यादव ने बताया कि दिल्ली की मेसर्स वीएस फार्मास्यूटिकल्स ने न्यू आरजे एजेंसीज से सात इनवाइस के माध्यम से एआरवी वैक्सीन खरीदी थी। इसके बाद न्यू आरजे एजेंसीज की जांच की गई।
जांच के दौरान वापस आई 592 वायल मिलीं। इनमें से 120 वायल जांच और नमूने के रूप में सुरक्षित की गईं। शेष 462 वायल को सीज कर सुरक्षित रखा गया। जांच में न्यू आरजे एजेंसीज ने वैक्सीन की खरीद के लिए मेसर्स एलिक्सिर क्योर, एक्सप्रेस रोड के तीन बिल प्रस्तुत किए।
औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे और ओमपाल सिंह ने 25 सितंबर को एलिक्सिर क्योर की जांच की। फर्म के प्रोपराइटर तरनदीप सिंह ने इन बिलों को दिखाने पर कहा कि ये बिल उनकी फर्म ने जारी नहीं किए हैं और उन्होंने कभी अभयरैब वैक्सीन की खरीद नहीं की। उपलब्ध बिलों की प्रतियों की जांच में भी उन पर अभयरैब वैक्सीन अंकित नहीं मिली।
हालांकि, 26 सितंबर को न्यू आरजे एजेंसीज में हुई जांच के दौरान राजिन्दर सिंह ने बताया कि इनवाइस के जरिए अभयरैब वैक्सीन की खरीद एलिक्सिर क्योर से की गई थी और ये बिल तरनदीप सिंह ने ही दिए थे। उन्होंने अपने मोबाइल में तरनदीप सिंह के साथ हुई वाट्सएप चैट भी दिखाई। जांच में मोबाइल नंबर तरन एलेक्स-दो नाम से सेव मिला।
औषधि निरीक्षक ने दर्ज कराई रिपोर्ट
चैट में तरनदीप सिंह की ओर से इनवाइस संख्या भेजे जाने की बात सामने आई। इस तरह एक ही खरीद को लेकर दोनों पक्षों के बयानों और दस्तावेजों में विरोधाभास सामने आया है। औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे नेकलक्टरगंज थाना पुलिस ने आरजे एजेंसीज के प्रोपराइटर बलजीत कौर के साथ राजिंदर सिंह और तरनदीप सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आगरा के औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि जांच में सामने आया कि न्यू आरजे एजेंसीज ने लोहामंडी में संचालित राधा मेडिकल एजेंसी के नाम से एक हजार एआरवी की बिक्री के बिल जारी किए थे। इसमें नकली एआरवी का बैच नंबर दर्ज था, लेकिन ट्रांसपोर्ट कंपनी पर एआरवी नहीं भेजी गई।
जांच में एक वर्ष पहले इसी बैच की एआरवी की बिक्री का ब्योरा मिला है, जिन फर्म को एआरवी की बिक्री की गई है, उसका ब्योरा मांगा गया है। साथ ही एक अन्य बैच की एआरवी स्टाक में मिली। दो नमूने लिए गए हैं, जांच होने तक खरीद बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
एसएन के ड्रग स्टोर से लिए गए 10 नमूने
औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि छापे में सरकारी अस्पताल की सप्लाई की दवाएं मिल रही हैं। प्रदेश भर में सरकारी अस्पतालों के सेंट्रल ड्रग स्टोर की जांच कराई जा रही है। एसएन मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के सेंट्रल ड्रग स्टोर से 10 दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
