आगरा, जागरण संवाददाता। प्रदेश सरकार मंगलवार अपना बजट पेश करेगी। प्रदेशवासियों के साथ-साथ शहरवासियों को 'सरकार' से काफी उम्मीदें हैं। बजट के अभाव में बहुत सी योजनाएं शुरू नहीं हो पा रहीं, कई योजनाओं का काम थम गया है। ताजनगरी के वाशिंदे इस बार शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, यातायात के साथ मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बजट की आस लगाए हैं। हाल में केंद्र सरकार ने अपना बजट जारी किया लेकिन ताजनगरी के हाथ कुछ खास नहीं आया। इससे पहले का प्रदेश सरकार का बजट भी शहरवासियों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। इस बार तमाम उम्मीदों के सहारे ताजनगरीवासी होली से पहले विकास के रंग में सराबोर होना चाहते हैं।

बजट के इंतजार में लटकी योजनाएं

- किरावली में अग्निशमन केंद्र की स्थापना होनी है। 5.43 करोड़ की इस योजना को जल निगम मूर्त रूप प्रदान कर रहा है। फरवरी 2019 से इस इसमें से 0.010 करोड़ रुपया ही अब तक मिला है।

- पर्यटन प्रोत्साहन के लिए रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए बजट की व्यवस्था की जाए। पर्यटकों के रात्रि प्रवास को बढ़ावा देने के लिए रात्रि पर्यटन आकर्षण विकसित करने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी अपेक्षाएं हैं।

- फतेहाबाद में अग्निशमन केंद्र की स्थापना होनी है। 8.91 करोड़ की इस योजना को जल निगम मूर्त रूप प्रदान कर रहा है। फरवरी 2019 से इस इसमें से 0.010 करोड़ रुपया ही अब तक मिला है।

- यमुनापार में जलसंकट को दूर करने के लिए इस क्षेत्र की जनता के लिए अलग से जल संस्थान निर्माण की मांग लंबे समय से चली आ रही है। सालों से यहां जलसंकट है। कई जगह पानी की पाइप लाइन तक नहीं है।

इन योजनाओं को घोषणा का इंतजार

- जलसंकट को दूर करने के लिए यमुना पर बैराज या रबर चैक डैम का निर्माण।

- फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र में सरकारी अस्पताल को अपग्रेड किया जाए।

- युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण।

- ग्रामीण व शहर के कई क्षेत्रों में जलसंकट को दूर करने के लिए ओवरहैड टैंक।

- दयालबाग, शास्त्रीपुरम, बोदला, ताजगंज जैसे क्षेत्रों को जोडऩे के लिए सिटी बस सर्विस।

- शहर की यातायात व्यवस्था सुधार के लिए रुनकता से एत्मादपुर तक एलिवेटिड रोड।

- आलू किसानों को नुकसान से बचाने के लिए आलू प्रसंस्करण व शोध केंद्र की स्थापना।

- जिन क्षेत्रों में गंगाजल वितरण की व्यवस्था नहीं है, वहां के लिए संसाधन उपलब्ध कराना।

- प्रस्तावित बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से बटेश्वर को जोडऩे के लिए जालौन तक फोर लेन सड़क का निर्माण।

- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव में म्यूजिम व अन्य विकास कार्यों के लिए बजट।

बाईपास के लिए बजट की दरकार

ग्वालियर हाईवे स्थित रोहता से शमशाबाद रोड स्थित देवरी के बीच आठ किमी लंबे बाईपास पूरी तरह से जर्जर हो गया है। बजट के अभाव में इसका निर्माण नहीं हो पा रहा। पीडब्ल्यूडी ने 11 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। अब तक स्वीकृति नहीं मिली। इस बाईपास से दस गांव और कई कालोनियां जुड़ी हैं। यहां के एक लाख से अधिक लोग परेशान हैं।

थीम पार्क जमीन का हो उपयोग

एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र में थीम पार्क के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था। थीम पार्क योजना खटाई में पड़ चुकी है। ऐसे में क्षेत्र के विकास के लिए किसी दूसरी योजना की दरकार है। ताकि इस अधिग्रहित जमीन का उपयोग हो सके।

 

Posted By: Prateek Gupta

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