आगरा, जागरण संवाददाता। यूपी बोर्ड का मूल्यांकन कार्य भी सीसीटीवी की निगरानी में होगा। वेबकास्टिंग के जरिए प्रसारण को कंट्रोल रूम से जोड़कर हर कॉपी पर नजर रखी जाएगी। मूल्यांकन केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे और केंद्र के 100 मीटर दायरे में धारा 144 लागू रहेगी।

नकल विहीन परीक्षा की तरह यूपी बोर्ड का मूल्यांकन भी अति संवेदनशील और सुचितापूर्वक संपन्न कराया जाएगा। इसको लेकर प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने सभी डीएम, एसएसपी को भी निर्देशित कर दिया है। इसके तहत हर मूल्यांकन केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ मूल्यांकन अवधि के दौरान चार सशस्त्र पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे। एलआइयू के साथ सादा वर्दी में फोर्स भी तैनात किया जाएगा। हर मूल्यांकन केंद्र की 100 मीटर परिधि में धारा 144 लागू रहेगी और बोर्ड परीक्षा की तरह जिला मॉनिटङ्क्षरग कंट्रोल रुम से मूल्यांकन केंद्रों की निगरानी की जाएगी। हर कॉपी और परीक्षक पर मॉनिटरिंग सेल नजर रखेगा।

होगा आइकार्ड जारी

मूल्यांकन कार्य में लगने वाले प्रत्येक व्यक्ति परीक्षक और कर्मचारी का आइकार्ड बनेगा। डीआइओएस इसे जारी करेंगे, इसके बिना मूल्यांकन केंद्र में उनकी एंट्री प्रतिबंधित होगी। परीक्षकों की एक अद्यतन सूची भी तैयार होगी, जिससे उनकी रोजाना उपस्थिति दर्ज की जाएगी। डीआइओएस 15 दिन में सभी परीक्षकों का पारिश्रमिक जारी करेंगे। साथ ही ड्यूटी न देने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मूल्यांकन केंद्रों पर होगी साबुन और हैैंड सेनेटाइजर की व्यवस्था

कोरोना का असर यूपी बोर्ड मूल्यांकन पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां मूल्यांकन में शामिल होने से पहले परीक्षक सहमे हैं। वहीं उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद ने भी उनकी सुरक्षा को लेकर गाइडलाइंस जारी कर दी है। इसके तहत मूल्यांकन में आने वाले परीक्षक एक मीटर की दूरी पर बैठेंगे। फर्नीचर व गेट के हैैंडल आदि की रोजाना सफाई की जाएगी। परीक्षकों के लिए साबुन और हैैंड सेनेटाइजर की व्यवस्था भी की जाएगी।

माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव नीना श्रीवास्तव ने उक्त आदेश से सभी डीआइओएस के साथ मूल्यांकन केंद्र के प्रधानाचार्य, उप नियंत्रक को अवगत कराया है। इसके तहत 16 से 25 मार्च तक चलने वाले मूल्यांकन कार्य के दौरान कोरोना वायरस के प्रति पूरी सतर्कता बरती जाएगी। मूल्यांकन केंद्र पर दो परीक्षकों के बीच सीटिंग में कम से कम एक मीटर का फासला रखना होगा। वहां स्वच्छ पेयजल व शौचालय की की सफाई की नियमित व्यवस्था करनी होगी। परीक्षकों व शिणक्षेत्तर कर्मचारियों के उपयोग के फर्नीचर व कमरों के दरवाजे, खिड़कियां व उनके हैंडल आदि की नियमित सफाई की जाएगी।

लक्षण मिलें, तो दें सूचना

मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्र्रवाल ने बताया कि निर्देश मिले हैं कि मूल्यांकन कार्य में किसी परीक्षक व कर्मचारी आदि के कोरोना वायरस से पीडि़त होने के लक्षण जैसे खासी, जुकाम, सांस फूलने आदि दिखाई दें, तो हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पर कॉल कर उपचार की सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही ऐसे परीक्षक व कर्मचारी को मूल्यांकन कार्य से विरत रखा जाएगा। साथ ही मूल्यांकन कार्य से अलग अध्ययनरत छात्र-छात्राओं व अन्य व्यक्तियों को मूल्यांकन कार्य में न बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। 

Posted By: Tanu Gupta

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