आगरा, जेएनएन। यमुना एक्सप्रेस वे और हाईवे पर लूट के लिए बावरिया गैंग अजीब हथकंडे अपनाता है। कभी कीलें बिखेर देता था तो कभी वाहन पर निशाना साध एक्सल फेंकता था। कीलें घुसते ही पहिया पंक्चर हो जाता था। एक्सल टकराते ही वाहन में खराबी की आशंका पर चालक रुक जाता था। वाहन रुकते ही गैंग धावा बोल देता था।

यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में ढेर बावरिया गैंग के कुख्‍यात और दो लाख रुपये के इनामी बदमाश अनिल बावरिया की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। ये गैंग यूपी, हरियाणा और राजस्‍थान में वारदात करता था। ये गैंग यमुना एक्सप्रेस वे के साथ ही पेरीफेरल व केएमपी रोड पर लूट के साथ महिला यात्रियों के साथ दुष्‍कर्म की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। एसटीएफ नोएडा यूनिट को सोमवार को गैंग के बदमाशों की लोकेशन नौहझील क्षेत्र में मिली थी। नौहझील पुलिस से संपर्क कर शाम को बदमाशों की घेराबंदी की। जिस अनिल उर्फ अमित बदमाश को संयुक्त आपरेशन में मुठभेड़ मे ढेर किया गया है, उसके बाकी साथियों की तलाश में पुलिस नौहझील क्षेत्र में काम्‍बिंग कर रही है।

23 सितंबर को भी पकड़ा गया था बदमाश का साथी

बीते 23 सितंबर को भी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने नौहझील पुलिस के साथ मिलकर नौहझील क्षेत्र में इस गैंग के पचास हजार के इनामी रामू निवासी बल्लभगढ़ फरीदाबाद को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। रामू कुख्यात बबलू बावरिया गैंग का सक्रिय सदस्य था। बबलू एसटीएफ की टीम से अलीगढ़ में पूर्व में मुठभेड़ में घायल हुआ था और फिर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद गैंग की कमान रामू ने संभाल ली थी। रामू हाईवे पर मथुरा, अलीगढ़ और पलवल (हरियाणा) के आधा दर्जन मुकदमों में वांछित था।

 

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