आगरा, जागरण संवाददाता । उत्तर प्रदेश विधानमंडल की महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति ने गुरुवार को जिला जेल की महिला बैरक का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां निरुद्ध बुजुर्ग महिला बंदियों ने अपनी रिहाई की गुहार लगाई। कोख के सौदागर गिरोह की आरोपित सदस्यों ने भी रिहाई की मांग की। संयुक्त समिति करीब सवा घंटे जिला जेल में रही।

संयुक्त समिति की सभापति सरिता भदौरिया गुरुवार को दोपहर डेढ़ बजे जिला जेल पहुंचीं। उनके साथ विधानमंडल दल की सदस्य सुषमा पटेल, सुष्मिता मौर्य और मंजू सिवाच भी थीं। समिति ने महिला बैरक में बंदियों से उनकी दिक्कतों के बारे में जानकारी की। भोजन की गुणवत्ता के बारे में पूछा। महिला बंदियों के बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के निर्देश जेल अधिकारियों को दिए।

इस दौरान 70 साल से अधिक आयु की चार महिला बंदियों ने अपनी रिहाई की गुहार लगाई। समिति ने जेल प्रशासन से सजायाफ्ता और विचाराधीन बंदियों की जानकारी ली। जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा से 70 साल से अधिक आयु की महिला बंदियों की सूची मांगी। समिति ने कहा कि वह इन महिला बंदियों की रिहाई का प्रयास करेगी। वहीं, समिति से कोख के सौदागर गिरोह की आरोपित तीन सदस्यों ने भी अपनी रिहाई की मांग की। उन्हें फतेहाबाद पुलिस ने पिछले वर्ष गिरफ्तार कर जेल भेजा था। महत्वपूर्ण तथ्य

-70 : महिला बंदियों की बैरक में क्षमता है।

-186 : महिला बंदी बैरक में निरुद्ध, जो कि क्षमता से ढाई गुना हैं।

-16 : छह साल की आयु तक के बच्चे महिला बंदियों के साथ बैरक में रह रहे हैं।

-6 : बच्चों को जेल प्रशासन ने अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश दिलाया है। संयुक्त समिति की सदस्य

-सभापति सरिता भदौरिया (इटावा सदर से विधायक)

-सुषमा पटेल (जौनपुर के मोगरा बादशाहपुर से विधायक)

-सुष्मिता मौर्य (मिर्जापुर के मझवां से विधायक)

-मंजू सिवाच (गाजियाबाद के मुराद नगर से विधायक) 70 साल से अधिक आयु की महिला बंदी

-नत्थो देवी (72 वर्ष) दहेज हत्या में आजीवन कारावास

-बैजंती देवी (71 वर्ष) दहेज हत्या में बारह वर्ष की सजा

-सोमोती देवी (81 वर्ष) अपहरण के आरोप में पांच वर्ष की सजा

-भूरी देवी (88 वर्ष) हत्या के आरोप में आजीवन कारावास

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