आगरा में 72 करोड़ के नकली दवा सिंडिकेट पर कसेगा ED का शिकंजा
ईडी ने आगरा में 72 करोड़ रुपये के नकली दवा सिंडिकेट पर शिकंजा कसा है, पुलिस आयुक्त से दर्ज मुकदमों और आरोपियों की जानकारी मांगी है।
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HighLights
ईडी ने आगरा नकली दवा सिंडिकेट पर शिकंजा कसा।
पुलिस आयुक्त से मुकदमों, आरोपियों की जानकारी मांगी गई।
72 करोड़ की नकली दवाएं जब्त, मनी लॉन्ड्रिंग जांच।
जागरण संवाददाता, आगरा। करोड़ों के नकली दवा सिंडिकेट पर ईडी ने शिकंजा कस दिया है। ईडी ने पुलिस आयुक्त से इस मामले में दर्ज मुकदमों और उनके आरोपितों के बारे में जानकारी मांगी है। पिछले वर्ष एसटीएफ और औषधि विभाग ने पुडुचेरी से नकली दवाओं की आपूर्ति की सूचना पर छापेमारी कर 72 करोड़ की दवाएं जब्त की थीं। टीम को एक करोड़ की रिश्वत देने के आरोप में हिमांशु अग्रवाल और दवा कारोबारी संजय बंसल, उसके भाई और भतीजे को जेल भेजा गया था।
दवा बाजार में पिछले साल 22 अगस्त को औषधि विभाग और एसटीएफ ने हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी और उनकी सहयोगी फर्म पर छापा मारा था। सात दिन की कार्रवाई में पांच फर्म और गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी से 28 दवाओं के नमूने लिए गए थे। 72 करोड़ की दवाएं सील की गईं थी।
कोतवाली और एमएम गेट में सिंडिकेट पर तीन मुकदमे दर्ज किए गए। हे मां मेडिको और उसकी सहयोगी फर्म का लाइसेंस भी निरस्त हो चुका। इसके बाद ड्रग कंट्रोलर और सेंट्रल ड्रग्स कंट्रोल आर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) की संयुक्त टीम ने पुडुचेरी में मीनाक्षी फार्मा की अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा। फैक्ट्री में फार्मा कंपनी सनोफी, सनफार्मा, एमएसडी सहित आधा दर्जन बड़ी कंपनियों की नकली दवाएं बनाकर आगरा ट्रेन से सप्लाई की जा रहीं थीं।
फार्मा कंपनी संचालक एके राना को भी गिरफ्तार किया गया था। नवंबर में 28 नमूनों की जांच में 27 नमूने पास हो गए थे। आरोपितों को भी जमानत मिल गई थी। नकली दवाओं की बिक्री और उससे होने वाली कमाई को देखते हुए ईडी ने प्रोटेक्शन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत आरोपितों की जांच करने की तैयारी है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि ईडी ने कोतवाली और एमएम गेट थाने में दर्ज मुकदमों और उनके आरोपितों के बारे में जानकारी मांगी है। रिपोर्ट जल्द भेजी जाएगी।
