आगरा, जागरण संवाददाता। ताजनगरी में पर्यटकों की संख्या घटने के साथ ही कारोबार भी घट गया है। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के चलते ताजमहल देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या में गिरावट आने लगी है, जिससे पर्यटकों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। इससे ताजमहल के आसपास संचालित हैंडीक्राफ्ट शोरूम, दुकानों, रेस्टोरेंटों आदि पर असर साफ नजर आने लगा है। वो दिनभर ग्राहकों का इंतजार करते रहते हैं।

आगरा का पर्यटन कारोबार पिछले वर्ष कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते हुए लाक डाउन से पूर्व ही 17 मार्च को ताजमहल को बंद होने के साथ ठप हो गया था। 188 दिनों की रिकार्ड बंदी के बाद 21 सितंबर को ताजमहल खुला था, लेकिन इंटरनेशनल फ्लाइट व टूरिस्ट वीजा सर्विस पर लगी रोक के चलते केवल भारतीय पर्यटक ही यहां आ रहे हैं। जनवरी व फरवरी में प्रतिदिन औसतन 10 से 12 हजार पर्यटक ताजमहल देखने आ रहे थे। मार्च में इसमें गिरावट आई और पर्यटकों की संख्या घटकर औसतन आठ से 10 हजार रह गई। सोमवार को आठ हजार तो मंगलवार को 6500 पर्यटक ही ताजमहल देखने पहुंचे। पर्यटकों की घटती संख्या के साथ ही पर्यटन कारोबार भी घटने लगा है। दुकानदार दिनभर दुकान खोले बैठे रहते हैं, लेकिन बिक्री इतनी भी नहीं होती है कि उससे बिजली बिल व अन्य खर्चे निकल सकें। ऊपर से अन्य राज्यों में लग रहे रात्रि कर्फ्यू ने उनकी धड़कनें और बढ़ा दी हैं। उन्हें काेविड-19 के निरंतर बढ़ते केसों के चलते एक बार फिर पिछले वर्ष जैसा हाल होने की चिंता सताने लगी है।

भारतीय पर्यटकों का आना शुरू होने से पर्यटन कारोबार धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा था, लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमितों की संख्या ने चिंता बढ़ा दी है। पर्यटक ऐसे माहौल में कम घूमने आ रहे हैं, जिससे कारोबार पर जबरदस्त असर पड़ा है।

-राकेश चौहान, अध्यक्ष होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन

दिनभर शोरूम खोलकर बैठे रहते हैं, लेकिन ग्राहक ना के बराबर आते हैं। ऐसा पर्यटकों की संख्या घटने की वजह से हुआ है। यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में खर्चे निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। सरकार ने आज तक पर्यटन कारोबारियों को कोई मदद नहीं दी।

-सुनील कुमार, हैंडीक्राफ्ट शोरूम संचालक

 

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