आगरा, जागरण संवाददाता। दिल्ली से सरकारी अस्पतालों में सप्लाई होने वाली दवाओं को आगरा में लाकर बेचने वाले हॉकरों ने मोटी कमाई की। कई कंपनियों के स्टॉकिस्ट बन गए, नशीली दवाओं के अवैध धंधे से करोड़ों में खेल रहेहैं। 

दिल्ली, राजस्थान और उप्र के सरकारी अस्पताल और इएसआइ हॉस्पिटल में सप्लाई होने वाली दवाएं बाजार में सस्ती होती हैं। सूत्रों के मुताबिक, 15 साल पहले तीन दर्जन हॉकर दिल्ली से हॉस्पिटल सप्लाई की दवाओं को खरीद कर आगरा बाजार में खपाने लगे। इन दवाओं से स्प्रिट, थिनर और ब्लीङ्क्षचग पाउडर से हॉस्पिटल सप्लाई की मुहर हटाकर, कंपनी के रेट की स्लिप लगाने के बाद बाजार में बेचने लगे।

औषधि विभाग के छापे और सरकारी अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई कम होने के बाद हॉकरों ने दुकान किराए पर ले ली। कई कंपनियों के स्टॉकिस्ट बन गए। पिछले आठ सालों से हॉकर से स्टॉकिट बने अवैध धंधा करने वालों ने नारकोटिक्स की दवाओं का काम शुरू कर दिया। टैक्स चोरी की दवाएं लेकर ब्लैक में बेचने लगे। फिर कंपनी से दवा मंगाकर फर्जी बिल काटकर नशीली दवाओं का अवैध धंधा शुरू कर दिया।

बाजार सूत्रों के मुताबिक, पिछले पांच सालों में करीब 30 हॉकरों ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से करोड़ों की कमाई की। कमला नगर, बल्केश्वर, सिकंदरा, फतेहाबाद रोड की पॉश कॉलोनी में इनकी आलीशान कोठी है। कई गोदाम हैं। हर महीने करोड़ों का नशीली दवाओं का अवैध कारोबार कर रहे हैं।

आगरा में गहरी हैं जुर्म की जड़ें

नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले आगरा गैंग की जडे़ बहुत गहरी हैं। इसके सरगना जितेंद्र उर्फ विक्की अरोड़ा समेत तीन को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर गैंग के बारे में पूछताछ की जा रही है। साथ ही पंजाब पुलिस ने गैंग के सरगना की कॉल डिटेल निकलवाई है। इसकी स्टडी करके पुलिस गैंग में शामिल बड़े चेहरों को बेनकाब करेगी। कमला नगर के एफ ब्लॉक निवासी विक्की अरोड़ा और उसके भाई कपिल व हरीश को पंजाब पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लिया है। ये नशीली दवाओं की पंजाब समेत 11 राज्यों में तस्करी कर रहे थे।

नशीली दवाओं के कारोबार से जुडे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। यह बड़ा गैंग है। इनके खिलाफ सुबूत जुटाने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

अखिलेश कुमार जैन, सहायक औषधि आयुक्त  

Posted By: Tanu Gupta

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