आगरा, जागरण संवाददाता। औषधि विभाग की टीम ने रविवार को मोहन ट्रेडर्स के यहां मधुमेह दवा की जांच की। यह जांच दिनभर चली। संचालक मोहन अग्रवाल ने 40 में बीस कार्टन की दवाओं का बिल दिखा दिया जबकि बीस का बिल उपलब्ध नहीं कराया गया। जिस पर बीस कार्टन की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। टीम ने मोहन अग्रवाल की कस्टडी में कार्टन को दे दिया है। बिल जल्द दिखाने के लिए कहा है। बिल न दिखाने पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।

नकली दवाओं की बिक्री की मिली थीं शिकायतें

कम्मू टोला, फव्वारा के पास मधुमेह की नकली दवाओं की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। सहायक औषधि आयुक्त अखिलेश जैन के आदेश पर शनिवार को औषधि विभाग की टीम ने मोहन ट्रेडर्स पर छापा मारा था। रविवार को भी टीम ने जांच की।

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सहायक औषधि आयुक्त अखिलेश जैन ने बताया कि गैलवस मेट मधुमेह की दवा है। नकली दवा की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। मोहन ट्रेडर्स द्वारा 40 कार्टन गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी से कोलकाता भेजने की तैयारी थी। सभी कार्टन की जांच की गई। इसमें बीस कार्टन का बिल दिखाया जा सका है।

बंसल मेडिकल स्टोर की जांच पूरी, कोर्ट में दाखिल होगी रिपोर्ट

गोगिया मार्केट, फव्वारा स्थित बंसल मेडिकल स्टोर की जांच पूरी हो गई है। टीम ने बंसल मेडिकल स्टोर से बोरिंगर कंपनी की मधुमेह दवा की खरीद और बिक्री के दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। अपनी रिपोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल करेगी। कोतवाली इंस्पेक्टर सुभाष चंद पांडेय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर लोकल कमिश्नर की तैनाती हुई थी। 

Edited By: Abhishek Saxena

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