आगरा, जागरण संवाददाता। नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं फर्जी फर्म बनाकर फव्वारा दवा बाजार से सप्लाई की जा रही हैं। औषधि विभाग की जांच में फर्म फर्जी मिलने के बाद आगे कार्रवाई नहीं की जा रही है। रामपुर में पकड़ी गईं पांच करोड़ की नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं सप्लाई करने वाली शशांक मेडिकल एजेंसी, फव्वारा का भी पता नहीं चला है। इसके भी फर्जी होने की आशंका है। रामपुर में नशे में इस्तेमाल होने वाले कफ सीरप, दर्द निवारक कैप्सूल और टैबलेट सहित पांच करोड़ की दवाएं जब्त की गईं थी। पूछताछ में सामने आया कि ये दवाएं शशांक मेडिकल एजेंसी, फव्वारा से खरीदी गईं। औषधि विभाग की टीम ने फव्वारा दवा बाजार खंगाला, लेकिन शशांक मेडिकल एजेंसी नहीं मिली। पिछले साल पंजाब पुलिस द्वारा बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं जब्त की थी। ये दवाएं हनुमान फार्मा संजय प्लेस से सप्लाई की गईं। ये फर्म भी फर्जी निकली थी। सिकंदरा क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कफ सीरप सप्लाई किए गए, सप्लाई करने वाली फर्म का पता नहीं चला है। औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि शशांक मेडिकल एजेंसी का कोई रिकार्ड नहीं मिला है, फर्म के फर्जी होने की आशंका है। जांच की जा रही है। ये हैं प्रमुख मामले 2020 पंजाब में पकड़ी गई नशे की 1.50 लाख दवाओं के पैकेट को आगरा के जय हनुमान फार्मा के नाम से बिलिग हुई। इस कंपनी के मालिक लाखन सिंह निवासी पीपलमंडी का पता भी फर्जी मिला है। इस फर्म के खरीद-फरोख्त का भी कोई रिकार्ड नहीं मिला। सिकंदरा क्षेत्र से कफ सीरप ट्रक में लादकर भेजे गए, फर्म का पता नहीं चला मारवा ट्रांसपोर्ट यमुना पार से अवैध दवाएं जब्त की गईं, दवा भेजने वाली फर्म का पता नहीं चला

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