आगरा, जागरण संवाददाता। मेट्रो स्टेशनों के समीप ड्रॉप ऑफ जोन बनाया जाएगा। इसकी शुरुआत ताज पूर्वी गेट, फतेहाबाद रोड और बसई स्टेशनों से होगी। उप्र मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने ड्रॉप ऑफ जोन को चिन्हित कर लिया है। इस स्थल पर साइनेज लगाए जाएंगे और कुछ देर के लिए ही वाहन खड़े हो सकेंगे। वहीं विधि विज्ञान प्रयोगशाला को अब शिफ्ट नहीं किया जाएगा। न ही जमीन ली जाएगी। आसपास जो भी कंडम बिल्डिंग हैं। यूपीएमआरसी द्वारा उन्हें नए सिरे से बनाया जाएगा।

शहर में आगरा मेट्रो तीस किमी लंबी होगी। पहला कॉरिडोर सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट तक 14 किमी और दूसरा आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक 16 किमी लंबा होगा। आगरा मेट्रो का पहला डिपो पीएसी ग्राउंड में बनेगा। इसके लिए आठ हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण होगा। इसके दायरे में 15वीं पीएसी बटालियन का कार्यालय और क्वार्टर आएंगे। वहीं पीएसी को 14 हेक्टेअर जमीन मिल जाएगी। जो भी कंडम बिल्डिंग हैं। वहां नए निर्माण किए जाएंगे। लखनऊ की तर्ज पर आगरा में भी पीएसी को बसाया जाएगा। यूपीएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला को शिफ्ट नहीं किया जाएगा। वहीं फतेहाबाद रोड, बसई और ताज पूर्वी गेट पर ड्रॉप ऑफ जोन बनेगा। यानी इन एलीवेटेड स्टेशनों पर जो भी यात्री आएंगे। वह स्टेशन के समीप कुछ देर के लिए वाहन खड़े कर सकते हैं। जैसे ही वाहन से यात्री उतर जाएंगे। वाहन को हटाना होगा। उन्होंने बताया कि तीन स्टेशनों में ड्रॉप ऑफ जोन को चिन्हित कर लिया गया है।

इस माह मिल सकती है क्लीयरेंस

आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट को इस माह सुप्रीम कोर्ट से क्लीयरेंस मिल सकती है। जिसे देखते हुए कागजी कोरम को और भी पूरा कर दिया गया है। केंद्रीय अधिकारिकता समिति (सीईसी) की टीम ने पिछले माह जांच की थी। टीम जल्द ही रिपोर्ट देने जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद कोर्ट से अनुमति मिल सकती है। 

Posted By: Prateek Gupta

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