आगरा, जागरण संवाददाता। सफाईकर्मी अरुण की मौत पुलिस अभिरक्षा में हार्ट अटैक से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो चुका है। मगर, अभिरक्षा में मारपीट के प्रमाण भी मिले हैं। इनसे साफ है कि अरुण से पुलिस अभिरक्षा में मारपीट भी हुई थी। क्योंकि अरुण के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। हालांकि इन चोटों को ऐसा नहीं माना जा रहा है, जिनसे जान जा सके।

जगदीशपुरा थाना के मालखाने से 25 लाख रुपये चोरी होने के मामले में पुलिस ने सफाईकर्मी अरुण को हिरासत में लिया था। बुधवार तड़के पुलिस अभिरक्षा में अरुण की मौत होने के बाद डाॅक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अरुण की मौत की वजह हार्ट अटैक बताया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ चोटों का जिक्र है। जैसे कूल्हों, पैर और हाथ पर नीले निशान। चार जगह खुरंट के निशान थे, जिन्हें पुरानी चोट माना गया है। एसएसपी का दावा है कि पोस्टमार्टम में अरुण के नाजुक अंगों पर कोई चोट नहीं मिली है। न ही डॉक्टरों ने इसका जिक्र किया है। जिन चोटों का जिक्र है वे इतनी गंभीर नहीं हैं कि उनसे मौत हो जाए।

डिप्टी सीएम तक पहुंचाया मामला, कराई बात

विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि वे बुधवार को लखनऊ में थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद तत्काल उन्होंने डिप्टी सीएम डाॅ. दिनेश शर्मा को फोन से पूरी जानकारी दी और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा, सरकारी नौकरी की बात भी रखी। इसके साथ ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पास पहुंच उन्हें भी पूरा मामला बताया। इसके साथ ही जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह से वार्ता कर पोस्टमार्टम पैनल से कराने, वीडियोग्राफी कराने की बात कही। भाजपा महानगर अध्यक्ष भानु महाजन ने बताया कि उन्होंने मृतक अरुण के भाई से डिप्टी सीएम डाॅ. दिनेश शर्मा की फोन पर वार्ता कराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

Edited By: Nirlosh Kumar