आगरा: बांग्लादेशी नागरिक गाजी अवैध रूप से भारत में आकर ठहरा और यहां की नागरिकता भी हासिल कर ली। लचर सिस्टम तो देखिए उसको देश में वोट देने का अधिकार भी दे दिया गया। पुलिस हिरासत में गाजी ने बताया कि वह तीन बार वोट भी दे चुका है।

बांग्लादेश का रहने वाला सैफुल्ला उर्फ सईदउल गाजी 15 साल पहले पत्‍‌नी रत्ना और बेटे समीम के साथ यहां आया था। आठ साल पहले वह रुनकता में ठहरने आ गया। यहां सोरन सिंह के खेत में झोपड़ी डालकर रहने लगा। वर्ष 2014 में लोक सभा चुनाव से पहले उसने वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के बाद वोटर आइडी कार्ड भी बनवा लिया। लोक सभा चुनाव, ग्राम पंचायत फिर विधान सभा चुनाव में भी उसने मतदान किया। अपने वोटर आइडी कार्ड से ही उसने आधार कार्ड और पेन कार्ड भी बनवा लिया और फर्म रजिस्टर करा ली। इसी से वह कबाड़ का काम कर रहा था। इसके बाद उसने पत्‍‌नी और बच्चों के आधार कार्ड भी आसानी से बनवा लिए। अब वह खुद को कोलकाता का रहने वाला बताता था।

मोबाइल की कॉल डिटेल से होगी संपर्को की जांच

पुलिस गाजी के मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकलवा रही है। वह बांग्लादेश से किस-किस के संपर्क में था। यह जानने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि उसका कहना था कि वह केवल अपने ससुराल वालों से कभी-कभी बात करता था। अन्य कोई रिश्तेदार उसके संपर्क में नहीं था।

भारतीय दिखाने को ही खरीदा था कोलकाता में मकान

गाजी ने पुलिस हिरासत में यह भी कबूला कि उसने भारतीय मूल का बनने के लिए कोलकाता में मकान खरीदा था। ताकि वह यह बता सके कि उसकी कोलकाता में प्रॉपर्टी है।

Posted By: Jagran