आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा के दीवानी चौराहा स्थित लोटस अस्‍पताल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र की अदालत ने लोट्स अस्पताल के संचालक डाक्टर विवेक शर्मा व डाक्टर प्रदीप कुमार समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश थानाध्यक्ष हरीपर्वत को किए हैं।

न्यू आगरा, नई आबादी करबला निवासी रजिया बेगम ने अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। वादिया के अनुसार उसने अपने नाबालिग बेटे इरफान को इस साल 24 अप्रैल को भर्ती कराया था। अस्पताल संचालक डाक्टर विवेक शर्मा ने कहा कि आपरेशन होगा, उससे 20 हजार रुपये जमा करा लिए। उसे पुत्र से मिलने नहीं दिया गया। अस्पताल के स्टाफ 26 अप्रैल की आधी रात को फोन करके कहा कि इरफान को वेंटीलेटर पर रखना पड़़ेगा। उससे और रुपये जमा कराने की कहा।

वादिया का आरोप है कि पुत्र से मिलने की कहा तो मना कर दिया। वह स्टाफ के लोगों से बचकर पुत्र को देखने आइसीयू में गई तो उसे मृत पाया। इस दौरान वहां पहुंची नर्स ने हंगामा कर दिया। स्टाफ के लाेगों ने मारपीट करके उसे भगा दिया। अधिकारियों के यहां शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र परवेंद्र कुमार ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश थानाध्यक्ष हरीपर्वत काे किए।

पहले भी लगते रहे हैं आरोप

लोटस अस्‍पताल में पहले भी कई मरीज आरोप लगाते रहे हैं कि यहां बिल अनाप-शनाप बनाया जाता है। स्‍टाफ बिना जरूरत की दवाइयां मंगाता है और मरीजों पर उनका इस्‍तेमाल नहीं होता, उन्‍हें वापस मेडिकल स्‍टोर को बेच दिया जाता है। पिछले वर्ष ही एक मरीज की मौत हो जाने पर तीमारदारों ने हॉस्पिटल में जमकर हंगामा किया था। यहां तक कि अस्‍पताल में तोड़फोड़ और स्‍टाफ के साथ मारपीट भी की गई थी।

Edited By: Prateek Gupta